इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद करेलाबाग के पार्षद फजल खान की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है और जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रामकृष्ण गौतम ने दिया है। कोर्ट ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने और गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त पर जमानत दी है।
याची पर आरोप है कि उसने सीएए-एनआरसी के खिलाफ आंदोलन में भारत सरकार व देश विरोधी पम्फलेट बांटे। 22 मार्च को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 23 मार्च से वह जेल में बंद है । पार्षद फजल खान पर देशद्रोह का मामला थाना करेली में दर्ज है। फजल खान को धारा-153 बी, 124 ए आईपीसी में आरोपी बनाया गया है। जिला कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। याची का कहना था कि वह निर्दोष है। राजनीति के कारण उसे फंसाया गया है। उसके पास से और पम्फलेट नहीं मिले और न ही उसकी निशानदेही पर ही कोई सामग्री बरामद हुई है। एक केस में वह जमानत पर है। तीन अन्य मामलों की उसे जानकारी नहीं है। वह जमानत पर रिहा होने पर दुरुपयोग नहीं करेगा। कोर्ट ने मेरिट पर कोई विचार व्यक्त न करते हुए जमानत मंजूर कर रिहाई का निर्देश दिया है।