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सरकार से मदद मांगने पर कौंसिल अध्यक्ष की निंदा, बोले अध्यक्ष ने वकीलों की गरिमा को ठेस पहुंचाई

Tue, 31 Mar 2020 12:37 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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डेमो - फोटो : demo pic
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प्रयागराज। कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते किए गए लॉक डाउन से पैदा हुए हालात में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष द्वारा वकीलों के लिए सरकार से 50 करोड़ रुपये की मांग करने की अधिवक्ता समाज ने कड़ी निंदा की है। वकील काउंसिल अध्यक्ष हरिशंकर सिंह की ओर से की गई इस मांग से काफी नाराज हैं।
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उनका मानना है कि ऐसे कठिन समय में सरकार से सहायता राशि मांग कर उन्होंने अधिवक्ताओं की छवि को धूमिल किया है । वकीलों का मानना है कि ऐसे समय में जब समाज के सभी संगठन और लोग व्यक्तिगत रूप से सरकार को कोरोना से लड़ने के लिए आर्थिक मदद दे रहे हैं, वकीलों द्वारा खुद के लिए मदद की मांग करना निंदनीय है तथा इससे अधिवक्ताओं की छवि को काफी नुकसान होगा। 

अधिवक्ता मंच के अध्यक्ष रामअवतार वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि बार काउंसिल अध्यक्ष द्वारा 50 करोड़ रुपये की मांग करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि अब तक किसी भी वकील ने बार काउंसिल से मदद नहीं मांगी है। जिन वकीलों के नाम पर कौंसिल अध्यक्ष इतनी बड़ी रकम सरकार से मांग रहे हैं दरअसल उन वकीलों को ऐसी किसी मदद की दरकार नहीं है । यदि कोई अधिवक्ता वास्तव में लॉकडाउन की वजह से परेशानी में है तो प्रदेश के बाकी अधिवक्ता उनकी मदद करने और उनका ख्याल रखने में सक्षम हैं।
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उनका कहना है कि तमाम सारे अधिवक्ता संगठन जरूरतमंद वकीलों की मदद कर रहे हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एक रिलीफ फंड भी गठित किया है, इसी प्रकार से अन्य संगठन भी मदद कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि अधिवक्ता समाज का जिम्मेदार नागरिक है। आम अधिवक्ता व्यक्तिगत रूप से सरकार के रिलीफ फंड में योगदान कर रहा है। बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन अमरेंद्र नाथ सिंह ने भी गत दिनों बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर एक रिलीफ फंड बनाने की मांग की थी। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं की ओर से सरकार को भी ऐसे समय पर मदद दी जानी चाहिए।
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