निर्माण के नौ साल बाद बीते मई महीने में गीता निकेतन से जीटी रोड को जोड़ने वाले फ्लाईओवर का नाम शहीद रोशन सिंह के नाम पर करने के लिए नगर निगम के सदन में ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किया गया था। नामकरण समिति की बैठक में फ्लाईओवर का नाम अमर शहीद रोशन सिंह के नाम पर रखे जाने की सहमति बनने के बाद सदन की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई थी। इसके बाद अब इस प्रस्ताव को अमल में लाने पर पेंच फंस गया है।
हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी महापुरुष या शहीद के नाम पर अगर किसी शहर में एक स्थान पर स्मारक, प्रतिमा या कोई अन्य प्रतीक बनाया गया है, तो दूसरी जगह उसे नहीं लगाया जाना चाहिए। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शहीद रोशन सिंह के नाम पर अलोपीबाग फ्लाईवर का नामकरण करने का प्रस्ताव उन्होंने परित किया था, लेकिन उस पर कानूनी अड़चन का रोड़ा आ गया है।
तर्क दिया गया है कि एसआरएन अस्पताल के गेट पर शहीद रोशन सिंह की प्रतिमा लगाई गई है। ऐसे में फ्लाईओवर उनके नाम पर नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है काकोरी कांड में गिरफ्तारी के बाद शहीद रोशन सिंह को कभी मलाका जेल की काल कोठरी में रखा गया था। मलाका जेल तब जहां स्थित थी, वहीं अब स्वरूप रानी अस्पताल है।
शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर अलोपीबाग फ्लाईओवर के नामकरण का प्रस्ताव अधर में लटक गया है। इस पर आपत्ति लगने के बाद उसे रोक दिया गया है। - अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर।