प्रयागराज। ग्राम पंचायतों की विकास, आवास आदि योजनाओं में अनियमितता के रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे ही मामलों में दो और गांवों के सचिव निलंबित कर दिए गए हैं। इनके अलावा एक अन्य गांव में 10 लाख रुपये के गोलमाल का मामला सामने आया है। प्रधान और सचिव को नोटिस भेजा गया है।
कोरांव के सिकरो गांव में अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए गए हैं। इसके विपरीत पात्र इस योजना के लाभ से वंचित हैं। इस आरोप में सचिव सत्येंद्र कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। सैदाबाद के बरौना गांव में भी शौचालय निर्माण में अनियमितता सामने आई है। इसके अलावा गांव के सचिव इंद्रसेन ने तबादला के छह महीने बाद भी चार्ज नहीं सौंपा है। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि इन आरोपों में इंद्रसेन को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मेजा के गड़वेरा गांव में प्रधान और सचिव ने विकास के नाम पर 10 लाख रुपये का भुगतान करा लिया है। जबकि, ऑनलाइन 42 हजार रुपये ही खर्च दिख रहा है। इस पर उन्हें नोटिस भेजा गया है। डीपीआरओ का कहना है कि कई अन्य गांवों में अनियमितता की शिकायतें हैं। जांच की जा रही है। जल्द ही कई अन्य सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।