प्रयागराज और कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर और गौतमबुद्ध नगर में भी इसी प्रकार का अभियान चलाया जाए और उपलब्ध ड्रोन कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जाए। कोर्ट के आदेश पर उपस्थित हुए एसएसपी प्रयागराज ने बताया कि सतत निगरानी के लिए चार-चार कांस्टेबलों की टीम बनाई गई है।
एसएसपी ने जिले के अन्य अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम चार घंटे की निगरानी रिपोर्ट प्रतिदिन संबंधित थाना प्रभारी को सौपने का निर्देश दियाल है। कोर्ट ने सभी एडवोकेट कमिश्नर से कहा है कि कांस्टेबलों की जो सूची एसएसपी द्वारा दी गई उस पर लिखे मोबाइल नंबरों के जरिए वह उनकी निगरानी करें। अथवा किसी अन्य तरीके से भी निगरानी कर सकते हैं।
कोर्ट ने अगली सुनवाई पर सर्विलांस की रिपोर्ट पेश करने का अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को निर्देश दिया है। एडवोकेट कमिश्नर ने जानकारी दी कि सडृक के किनारे खाने-पीने की दुकान लगाने वाले खुले में सामान न बेचने के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि स्थानीय खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग यह सुनिश्चित करे कि खाने की चीजें सिर्फ पैकिंग में ही बेची जाएं। खुले में कोई खाने का सामान न बेचने पाए। यह नियम अगले छह सप्ताह तक और जारी रहेगा। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई तीन दिसंबर को रिपोर्ट मांगी है।
कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर अदालत ने आईसीएमआर डा. निवेदिता गुप्ता से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। उन्होंने अदालत को टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि कोरोना वैक्सीन निकट भविष्य में उपलब्ध हो जाएगी।