कलक्ट्रेट में कर्मचारियों की कोरोना की जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टीम ।
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जिले में लगातार बढ़ रही कोरोना मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। प्रयागराज में कोरोना मरीजों की रफ्तार तो शुरू में बहुत ही धीरे थी, लेकिन मरीजों का आंकड़ा तीन सौ के पार होने में ज्यादा देर नहीं लगी। स्वास्थ्य महकमा इसे बड़े खतरे का संकेत मान रहा है।
आंकड़ों पर यदि गौर किया जाए ते पहले सौ मरीज 27 दिन में मिले थे, दूसरे सौ मरीज 19 दिनों में और सौ अन्य मरीज नौ दिन में मिले। इस तरह संक्रमितों का शतक लगने का समय घटता ही जा रहा है। जिले में कोरोना का पहला मरीज पांच अप्रैल को मिला था। इसके बाद 24 अप्रैल को तीन, 30 अप्रैल को एक और फिर उसके बाद पॉजिटिव आने वालों का सिलसिला शुरू हुआ तो बढ़ता गया। पिछले 10 दिनों से महामारी की चपेट में आने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने स्वीकार किया कि जिले की हालत गंभीर होती जा रही है।
ज्यादातर मामलों में सोर्स का पता नहीं चल पा रहा है। बुखार, खांसी की शिकायत पर लोग जांच करा रहे हैं और पॉजिटिव आ रहे हैं। इससे आगे आने वाले दिन बहुत ही संवेदनशील हैं। उसे संभालने की कोशिश की जा रही है। लगातार सर्वे, स्क्रीनिंग हो रही है और संदिग्ध लगने पर जांच भी कराई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मामले बढ़ते जा रहे हैं। फिलहाल अभी हालात नियंत्रण में हैं। लोगों के सहयोग की जरूरत है। बेवजह बाहर न निकलें।
नवजात से लेकर बुजुर्गों तक बनाया निशाना, केवल नौ ही हारे जंग
कोरोना ने नवजात से लेकर 95 वर्ष के उम्र के लोगों को निशाना बनाया है। इसमें अब तक नौ लोगों को छोड़ दिया जाय तो सभी उम्र के लोगों ने कोरोना को मात दी है। 85 वर्ष की दो महिलाओं और दो नवजातों ने कोरोना से जंग जीती है। संक्रमण की चपेट में आने वाले युवाओं की संख्या भी कम नही है। पचास फीसदी तक मामले युवाओं के ही हैं। पहले की तुलना में अब लोगों में बीमारी को लेकर उतना खौफ नहीं है। अगर किसी को कोई क्रानिक बीमारी नहीं है तो कोरोना से कोई दिक्कत नहीं। खाने-पीने पर ध्यान रखने की जरूरत है। योग और व्यायाम भी एक मजबूत अस्त्र हैं, जबकि काढ़ा भी इसके लिए बेहतर अस्त्र है।