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Corona News : गांवों में डेढ़ लाख घरों का हुआ सर्वे, 17 सौ मिले संक्रमित

Mon, 10 May 2021 08:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • 4049 आशाओं की लगाई गई टीमों ने घर-घर जाकर चिह्नित किए मरीज
  • पहले चरण का कार्य पूरा, आज से शुरू होगा दूसरे चरण का अभियान
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prayagraj news : कोरोना की जांच करती स्वास्थ्यकर्मी। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेढ़ लाख घरों में कराए गए सर्वे में 17 सौ लोग संक्रमित मिले हैं। यह सर्वे पांच मई को शुरू किया गया था। पहले चरण का सर्वे पूरा हो चुका है, अब दूसरे चरण के सर्वे का कार्य मंगलवार से शुरू होगा। 

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ग्रामीण इलाकों में सर्वे का काम देख रहे एसीएमओ डॉ. बीएस सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आशाओं की 4094 टीमें लगाई गई थी। आशाओं को घर-घर जाकर जुकाम, बुखार, खांसी, डायरिया, शुगर, ब्लडप्रेशर सहित अन्य बीमारियों के लोगों को चिह्न्ति करना था। पांच दिनों तक चले अभियान में आशाओं की टीम 149987 घरों तक पहुंची और वहां से पांच हजार से अधिक संदिग्ध मरीजों को चिह्नित कर जांच कराने की सलाह दी गई। जांच कराने के लिए संदिग्ध मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा गया था। वहां उनकी एंटीजन जांच हुई। इनमें से 1700 संक्रमित मिले हैं। 

prayagraj news : कोरोना टेस्ट करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : prayagraj
एसीएमओ ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में सर्वे अभियान का यह पहला चरण पूरा हो गया है, दूसरे चरण का काम काम मंगलवार यानी 11 अप्रैल से शुरू होगा। इसके लिए भी  4094 आशाओं की टीम लगाई जाएगी। इसमें पहले चरण में छूटे लोगों को चिह्नित किया जाएगा। साथ ही कुछ नए संदिग्ध मरीज होंगे तो वे भी चिह्नित किए जाएंगे। इससे संक्रमण के नियंत्रण में सहायता मिलेगी। जिले में यह अभियान मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शुरू किया गया है।  
वायरल समझकर की लापरवाही, हुई मौत

कोरोना की दूसरी लहर ग्रामीण इलाकों में दिल्ली, मुंबई, गुजरात जैसे बड़े शहरों से आने वाले लोगों की वजह से फैली है। बहुत से लोग संक्रमित हुए, लेकिन उन्होंने कोरोना की बजाय इसे वायरल फीवर समझा और उपचार न कराने की वजह से संक्रमित हो गए और इसमें से बहुत से लोगों की हालत गंभीर हुई तो वे अस्पताल पहुंचे, लेकिन ऑक्सीजन का स्तर गिरने से उनकी मौत हो गई। ऐसे लोगों की कोरोना की जांच न होने के कारण उन्हें संक्रमण की श्रेणी में भी नहीं रखा गया। कहीं-कहीं एक ही परिवार के दो से तीन लोगों की मौत हो गई। 
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prayagraj news : बेली हास्पिटल में कोविड की जांच के लिए पहुंचे लोग। - फोटो : prayagraj

ग्रामीण इलाकों में 35 फीसदी से अधिक रही संक्रमण की दर

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच दिनों में ग्रामीण इलाकों में संक्रमण की दर 35 फीसदी से अधिक रही। छह मई को तो ग्रामीण इलाकों के संक्रमितों का आंकड़ा शहर से भी अधिक रहा। छह मई को शहर में 47 फीसदी संक्रमित पाए गए थे, तो ग्रामीण इलाकों में 53 फीसदी मिले। इसी तरह पांच मई को 49 फीसदी, सात मई को 47 फीसदी, आठ मई को 42 फीसदी और नौ मई को 36 फीसदी संक्रमित मिले। इसके साथ ही शहर के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में एंटीजन जांच में ग्रामीण लोग ज्यादा कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, जबकि शहरी आरटीपीसीआर जांच में ज्यादा पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। 
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