prayagraj news: सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कारोना जांच का सैंपल लेने पहुंची स्वास्थ विभाग की टीम।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) कुलपति समेत 25 लोगों की सोमवार को कोराना जांच हुई। इविवि के नॉर्थ हॉल में इन सभी लोगों की जांच के लिए नमूने लिए गए। मंगलवार देर शाम तक जांच रिपोर्ट आने की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि जांच के बाद कुछ अपने कार्यालय में जाकर बैठ गए, जबकि जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया है।
इविवि के विज्ञान संकाय के एक विभागाध्यक्ष और लाइब्रेरियन के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उनके संपर्क में आए तकरीबन 25 लोगों की जांच की गई है। इनमें कुलपति, रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, डीएसडब्ल्यू, वित्त अधिकारी समेत दो दर्जन शिक्षक और कर्मचारी शामिल हैं। जिनकी जांच हुईं है, उनमें एक डीन और एक विज्ञान संकाय के अन्य विभागाध्यक्ष भी शामिल हैं।
जांच के लिए सभी को सोमवार दोपहर 12 बजे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नॉर्थ हॉल में बुलाया गया था। जांच के दौरान कोरोना के जिला नोडल अफसर डॉ. ऋषि सहाय भी मौजूद थे। जांच दोपहर एक बजे के आसपास शुरू हुई और ढाई बजे तक चली। डॉ. ऋषि सहाय ने इविवि के अफसरों एवं शिक्षकों को बताया कि उनकी जांच रिपोर्ट मंगलवार देर शाम या बुधवार दोपहर तक आ जाएगी।
जांच के बाद सभी को क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया। चर्चा है कि इनमें से कुछ अफसरों ने गालडलाइन का पालन नहीं किया और अपने कार्यालचय में जाकर बैठ गए। कार्यालय में पहले से मौजूद कर्मचारियों ने सीधे तौर पर तो विरोध नहीं कर सके, लेकिन उन्हें दफ्तर के भीतर संक्रमण फैलने का खतरा सताता रहा।
इविवि के पीआरओ डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि कोई भी अफसर दिनभर अपने कार्यालय में नहीं बैठा। बहुत अवश्यकता होने पर एक-दो जरूरी काम निपटाए गए। सभी को यही निर्देश दिए गए हैं कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक क्वारंटीन रहें और ‘वर्क फ्रॉम होम’ के तहत कार्यों को निपटाएं। साथ ही कोविड-19 के तहत जारी गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करें।