फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक ही दिन दो जगह कोरोना जांच, एक पॉजिटिव, एक निगेटिव

Mon, 24 Aug 2020 01:08 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
टेस्टिंग - फोटो : ANI
विज्ञापन

हाईकोर्ट के कई अधिकारी और कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट को लेकर भ्रम बना हुआ है। पॉजिटिव आए कर्मचारियों का कहना है कि दो केंद्रों पर जांच के बाद उनकी रिपोर्ट भी अलग-अलग आई है। अब वह असमंजस में हैं कि किसे सही मानें। 

विज्ञापन


महानिबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव ने सभी स्टाफ को राजापुर स्थित कैंप में कोरोना की जांच कराने का आदेश दिया है। कैंप में भीड़ से बचने के लिए कुछ अधिकारियों ने धूमनगंज केन्द्र पर जांच करा ली। इसके बाद राजापुर स्थित कैंप मे भी जांच करा ली। जब रिपोर्ट आई तो धूमनगंज केंद्र से पॉजिटिव रिपोर्ट आई जबकि राजापुर कैंप की रिपोर्ट निगेटिव। एक अनुभाग अधिकारी योगेन्द्र कुमार सिंह के घर उन्हें आइसोलेट करने पुलिस पहुंच गई।

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTi
उन्होंने जब निगेटिव रिपोर्ट दिखाई तो पुलिस ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी है। ऐसी ही स्थिति दो समीक्षा अधिकारियों की भी है। इनके पास एक ही दिन में पाजिटिव व निगेटिव दोनों ही रिपोर्ट है। इसी तरह से बार एसोसिएशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र को पाजिटिव बताया गया। उन्होंने गुणगांव की प्रयागराज स्थित एजेन्सी से जांच करायी तो निगेटिव पाए गए। ऐसे अन्य कई कर्मचारी है जिन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। हाईकोर्ट के स्टाफ ने अपनी शिकायत उप निबंधक के मार्फत महानिबंधक से की है। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन

Coronaindia, Coronavirus Test - फोटो : Social Media
इस क्रम में निबंधक शिष्टाचार आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जब दो रिपोर्ट विरोधाभाषी हैं तो तीसरी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व महासचिव जेबी सिंह का कहना है कि कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही परिवार की स्थिति अलग थलग हो जाती है। जांच में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

हाईकोर्ट कर्मचारी अधिकारी संघ के महासचिव बृजेश शुक्ल ने कहा है कि जो भी व्यक्ति करोना संक्रमण की जांच कराने जाता है, उसके व्यक्तिगत विवरण के साथ व्हाट्स एप नंबर भी दर्ज करते हैं। व्हाट्स एप पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की पारदर्शिता नहीं है। एक जगह की रिपोर्ट पाजिटिव और वहीं दूसरी जांच मेें निगेटिव आती है। लेकिन रिपोर्ट कहीं पर भी प्राप्त नहीं कराई जा रही है।

पाजिटिव रिपोर्ट पर मात्र फोन से सूचना देकर आइसोलेशन की सलाह दी जा रही है। वहीं निगेटिव आने पर न तो सूचना और न ही रिपोर्ट। संघ द्वारा प्रशासन से यह मांग की जाती है कि प्रत्येक व्यक्ति को जांच रिपोर्ट अवश्य उपलब्ध कराई जाए। यह प्रकरण संघ मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाकर उचित कार्यवाही की मांग करेगा। क्योंकि उच्च न्यायालय प्रशासन कर्मचारियों से करोना जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश निर्गत कर चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें