कोरोना वायरस से बचाव को बढ़ी सतर्कता के तहत शहर में अब चीनी कंपनियों के कर्मचारियों की निगरानी की जा रही है। एक खास तकनीकी प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे इन चीनी कर्मचारियों के यहां आने का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। बुधवार को डब्ल्यूएचओ और सीएमओ की टीम इन चीनी टेक्नोक्रेट्स के स्वास्थ्य की जांच करने पहुंची।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से चीन यात्रा कर लौटे करीब 1350 यात्रियों की सूची में उन लोगों की नियमित जांच और निगरानी के निर्देश हैं, जो देश के किसी भी शहर में किसी प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे हैं। पड़ताल के बाद ऐसे एक दर्जन चीनी कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. गणेश प्रसाद बुधवार को कचहरी के पास स्थित चीनी कंपनी के दफ्तर जांच करने पहुंचे। वहां अफसर तो नहीं मिले, बताया गया कि वे फील्ड में गए हैं। वहां मौजूद कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाव को 40 एन-98 मास्क दिए गए। फिलहाल किसी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले। बृहस्पतिवार सुबह इन चीनी कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों के स्वास्थ्य की फिर जांच की जाएगी।
नेवादा से फिर बैरंग लौटी टीम
प्रयागराज। चीन यात्रा से लौटे 30 यात्रियों की सूची में शामिल तीन महिलाएं बुधवार को भी जांच के टीम सदस्यों के सामने नहीं आईं। अशोक नगर के नेवादा महिला डॉक्टर और नर्स के साथ पहुंचे टीम सदस्यों के तमाम प्रयास के बाद भी घर का दरवाजा नहीं खुला। आसपड़ोस में रहने वालों से मदद लेने पर भी टीम को सफलता नहीं मिली। नोडल अफसर डॉ. गणेश ने तीनों महिलाओं के खिलाफ एफआईआर लिखाने की चेतावनी दी तो शाम को इसका असर पड़ा। महिलाओं के पड़ोस में रहने वालों ने दिन भर प्रयास किया। शाम को चिह्नित चीन यात्रियों ने सीएमओ दफ्तर में फोन कर बताया कि उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं है। बृहस्पतिवार वह जांच के लिए पूरे समय घर पर मौजूद रहेंगी।
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को जांच और परीक्षण का कार्य किया जा रहा है। चीन से यहां आए यात्रियों और काम करने वालों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। यहां काम कर रहे चीनी कर्मचारियों की जांच नियमित कराई जाएगी। उन्हें इस वायरस संक्रमण के खतरों से अवगत करा दिया गया है। - मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ