प्रयागराज। छात्रवृत्ति के सहारे आगे की पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थियों की कोविड की वजह से परेशानी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि अभी तक समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्तियों के लिए 500 से भी कम आवेदन अग्रसारित हुए हैं। अल्पसंख्यक विभाग की छात्रवृत्ति के लिए तो यह संख्या 25 से भी कम है। इसे देखते हुए आवेदन में कई तरह की छूट दी गई है। साथ में आवेदन की तिथि बढ़ा दी गई है। दाखिला नहीं होने की वजह से नए छात्र-छात्राएं तो अभी आवेदन नहीं ही कर पाए हैं, नवीनीकरण के लिए कतार में खड़े विद्यार्थियों के सामने भी अंकपत्र की बाधा है।
कोविड संक्रमण की वजह से विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया गया है, लेकिन ज्यादातर विद्यालयों में अभी अंकपत्र जारी नहीं हुए हैं, जबकि छात्रवृत्ति के लिए अंकपत्र अपलोड करना होता है। अंकपत्र नहीं होने की वजह से स्कूलों से भी छात्रवृत्ति के सत्यापान का काम रुक गया है। इसका नतीजा है कि समाज कल्याण की प्री मैट्रिक तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 500 से भी कम आवेदन अग्रसारित हो पाए हैं। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए दो दिन पहले तक मात्र 15 आवेदन अग्रसारित हुए थे, जबकि इन छात्रवृत्तियों के लिए एक लाख से अधिक आवेदन होते हैं।
रिजल्ट अवेटेड का मिला विकल्प
छात्र-छात्राओं की परेशानियों को देखते हुए छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया सरल की गई है। विद्यार्थियों को रिजल्ट अवेटेड का विकल्प भी दे दिया गया, ताकि अगली कक्षाओं में प्रमोट होने वाले विद्यार्थी बिना मार्कशीट के भी आवेदन कर सकें। इसके अलावा इस बार फरवरी तक आवेदन लिए जाएंगे। एक अफसर ने बताया कि दिसंबर में आवेदनों की स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू होगी।