कोरल क्लब का चुनाव निरस्त होने से मंगलवार को रेलकर्मी भड़क गए। चुनाव अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए रेलकर्मियों ने खूब नारेबाजी की। नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) से जुड़े लोगों ने कार्मिक अधिकारी को घेर लिया। कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से निर्बाधित चल रही है। इसके बावजूद भी इसे निरस्त कर दिया गया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई।
नार्थ सेंट्रल रेलवे कोरल क्लब के चुनाव के लिए प्रशासन द्वारा इस बार चुनाव अधिकारी के रूप में इंद्रपाल को नामित किया। कुल तीन पदों के लिए यहां 30 जून को चुनाव होना था। इसकी तकरीबन तैयारी भी हो चुकी थी। बताया जा रहा है बैलेट पेपर तक भी छप चुके थे। कुल तीन में एक पद सिर्फ एक प्रत्याशी के खड़े होने की वजह से उसका निर्विरोध चयन तय था। सिर्फ दो पदों पर ही प्रत्याशी को चुनाव लड़ना था। सचिव डीबी सिंह का आरोप है कि चुनाव अधिकारी नामांकन के बाद से ही चुनाव टालने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन एडीआरएम इलाहाबाद द्वारा 30 जून की तिथि चुनाव के लिए तय कर दी गई। मंगलवार की सुबह उन्होंने अचानक कोरल क्लब का चुनाव निरस्त करने का पत्र जारी कर दिया।
तर्क दिया गया कि अवैतनिक सचिव पद के पोस्टर पर निवेदकों द्वारा निर्विरोध लिखा गया है। इसीलिए चुनाव निरस्त किया गया। इस बारे में एनसीआरएमयू के मंडल मंत्री एसएन ठाकुर का कहना है कि उस पद पर स्कूटनी के बाद फाइनल वैध सूची में एक ही नाम होने के कारण निर्विरोध लिखा गया, जो विधि सम्पत था। उधर चुनाव निरस्त होने की घोषणा के बाद रेलकर्मियों ने कार्मिक अधिकारी को घेर लिया। कहा गया कि अगर बुधवार तक चुनाव को लेकर फैसला न हुआ तो महाप्रबंधक कार्मिक का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में आरएन बनर्जी, आरआर सिंह, बृजेश यादव आदि मौजूद रहे।