यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र एवं तर्कशास्त्र विषय के द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा में भी जमकर नकल हुई। आमतौर पर यह सरल विषयों में शुमार हैं और बुधवार की परीक्षा का प्रश्न पत्र की काफी सरल रहा। बावजूद इसके 58 विद्यार्थी नकल करते पकड़े गए। इलाहाबाद में एक छात्रा नकल करते पकड़ी गई। सुबह इंटरमीडिएट एग्रोनामी प्रथम प्रश्न पत्र एवं हाईस्कूल की कंप्यूटर की परीक्षा में कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया।
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नकल पर नियंत्रण लगाना अफसरों के लिए चुनौती बन गया है। बुधवार को सुबह की पाली में हाईस्कूल की कंप्यूटर और इंटर की एग्रोनामी विषय की परीक्षा हुई, लेकिन पूरे प्रदेश में एक भी नकलची सचल दस्ते के हत्थे नहीं चढ़ा। शाम को इंटरमीडिएट की मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र और तर्कशास्त्र विषयों के द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा हुई। इन परीक्षाओं में पूरे प्रदेश में 51 छात्र एवं सात छात्राएं नकल करते हुए पकड़ी गईं, जिन्हें तत्काल रेस्टीकेट कर दिया गया। इलाहाबाद के सोरांव में सतरगहा स्थित राम सेवक इंटर कॉलेज में एक छात्रा नकल करते सचल दस्ते के डॉ.वीएस यादव के हत्थे चढ़ गई।
यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल का खेल जारी है। केंद्र व्यवस्थापक से लेकर कक्ष निरीक्षक तक इसमें शामिल हैं। मंगलवार को इंटरमीडिएट की अर्थशास्त्र प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा में नकल कराने के आरोप में मैनपुरी के एक केंद्र के दो कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसी तरह खीरी में दूसरे के स्थान पर परीक्षा दी रही एक छात्रा को पकड़ा गया। इसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई। बोर्ड के उप सचिव अनिल सिंह ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ मंगलवार देर शाम कार्रवाई की गई।