किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग ने जिले में तैयारियां तेज कर दी हैं। किसानों की जरूरतों को देखते हुए 193 सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक दिया जा रहा है।
वहीं, सहकार से समृद्धि योजना के तहत जिले में 48 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। साथ ही 36 समितियां पूरी तरह ई-पैक्स कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता साधना सिंह के अनुसार, नवगठित 48 समितियों में से 35 को आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। 20 को आवश्यक संसाधन भी मिल चुके हैं।
कौंधियारा ब्लॉक के बेलसारा, मेजा के चपरो और धनुपुर के हरिपुर में तीन नई बी-पैक्स समितियां शुरू हो चुकी हैं। इन समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरक का भंडारण और वितरण भी शुरू कर दिया गया है।
विभाग का दावा है कि नई समितियों के विस्तार और ई-पैक्स कम्प्यूटरीकरण से सहकारी व्यवस्था पहले से अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनेगी। इससे किसानों को उर्वरक के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और खरीफ सीजन में समय पर खाद उपलब्ध कराने के लक्ष्य को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।