मेजा। कई माह से पारिश्रमिक न मिलने से क्षुब्ध धरमपुर (चपौर) जलनिगम का एक संविदा कर्मी शुक्रवार को जलनिगम की टंकी पर चढ़ कूदने की धमकी देने लगा। उसने विभाग के ऑपरेटर को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया था। पुलिस के पारिश्रमिक दिलाने का आश्वासन मिलने पर वह टंकी से नीचे उतरा। इसके बाद पुलिस वालों ने राहत की सांस ली।
चपौर गांव का देवेंद्र कुमार बिंद उर्फ राजा बिंद धरमपुर चपौर पेयजल योजना में बतौर संविदा कर्मी काम करता है। उसने बताया कि उसकी नियुक्ति 10 नवंबर 2014 को हुई थी। नौ माह काम करने के बाद छह हजार रुपया उसे दिया गया। फिर उसे फूटी कौड़ी नहीं मिली। कई बार तहसील दिवस के अलावा विभाग के अभियंताओं से गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। देवेंद्र शुक्रवार सुबह जलनिगम की टंकी पर आया। वहां पर पहले से आपरेटर शिवबहादुर मौजूद थे। उसने उनको कमरे में बंदकर बाहर से ताला जड़ दिया। इसके बाद वह जलनिगम की टंकी पर चढ़ गया और कूदकर आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। इस बीच गांव के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची मेजा पुलिस ने उसका पारिश्रमिक दिलाने का भरोसा दिलाया। तब वह टंकी से नीचे उतरा। करीब दो घंटे के इस ड्रामे से लोग खासे परेशान रहे। तमाशबीनों की भी भारी भीड़ लगी रही। इस बारे में धरमपुर चपौर पेयजल योजना के जेई विनय सिंह ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि उसका रुका पारिश्रमिक जल्द ही दिला दिया जाए।