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कुलपति के खिलाफ शुरू हुआ क्रमिक अनशन

Mon, 12 Jun 2017 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। रविवार को अनशन पर बैठे छात्रों ने मांग की, ‘कुलपति हटाओ परिसर बचाओ।’ लखनऊ में छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में छात्र संघ भवन के बारह अनशनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।
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छात्रों ने विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही फीसवृद्धि पर भी अपना विरोध जताया है। इसके लिए छात्रों ने कुलपति को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने यह मांग भी की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन हॉस्टलों में जल्द से जल्द काम पूरा कर छात्रों को समय से हॉस्टल आवंटित करे। साथ ही इलाहाबाद की डेलीगसियों में रूम रेंट कंट्रोल एक्ट लागू कर छात्रों को राहत दी जाए। क्रमिक अनशन के दौरान छात्रों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।

लखनऊ में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे 14 छात्रों की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताते हुए अनशकारी छात्रों ने कहा कि शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रक अधिकार है। अगर प्रदेश सरकार इसका हनन करेगी तो उसे विरोध का सामना करना होगा। अनशन एवं पुतला दहन में छात्र नेता विवेकानंद पाठक, अखिलेश गुप्ता, अदील हमजा, अजीत यादव, उदय यादव, प्रशांत, नीरज सिंह, धीरज मिश्र, अभिषेक यादव, अंकुश यादव, संदीप साहू, सुधांशु सिंह, अमित दुबे आदि मौजूद रहे।
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हॉलैंड हाल छात्रावास में रहे रहे निर्माण कार्य का छात्रों की ओर से विरोध किए जाने के बाद रविवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकम में आ गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित ट्रस्ट के सचिव से तत्काल संपर्क किया और मौके पर चल रहा निर्माण कार्य रुकवा दिया।

हॉलैंड हाल छात्रावास में शनिवार को कुछ छात्र पहुंचे थे। उन्होंने वहां चल रहे निर्माण कार्य का विरोध भी किया। छात्रों का आरोप था कि वहां ईसीसी का बीएड कैम्पस बनाए जाने की तैयारी चल रही है। छात्रों के विरोध के बाद रविवार को विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर राम सेवक दुबे ने हॉस्टल को चला रहे ट्रस्ट के सचिव एवं ईसीसी के प्राचार्य एम. मैसी से संपर्क किया और निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने को कहा। चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि हॉस्टल का संचालन इलाहाबाद विश्वविद्यालय कर रहा है। इसलिए विश्वविद्यालय से बिना एनओसी लिए या पूर्व अनुमति के वहां किसी भी तरह का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसा हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन मामले में विधिक कार्रवाई करेगा। हालांकि इसके बाद मौके पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।

उधर, ट्रस्ट के सचिव एम. मैसी ने बताया कि हॉस्टल में कभी प्राचार्य आवास हुआ करता था। वहां 20 साल से कब्जा है। आवास की सुरक्षा के मद्देनजर ही वहां चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा था लेकिन विश्वविद्यालय की आपत्ति के बाद काम रुकवा दिया गया है। उधर, सूत्रों ने बताया कि हॉस्टल में सुधार कार्य के लिए ट्रस्ट को पैसे की जरूरत है। ट्रस्ट चाहता है कि वहां अतिरिक्त गतिविधियों के संचालन किया जाए ताकि कुछ आय हो और उसे हॉस्टल के मरम्मत कार्य में लगाय जाए। सूत्रों के अनुसार अतिरिक्त गतिविधियों के संचालन के लिए ट्रस्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रस्ताव भी दे रखा है। केपी ट्रस्ट ने भी केपीयूसी हॉस्टल के लिए एक ऐसा ही प्रस्ताव दे रखा ह्रै।
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