कर्नलगंज के ढररिया स्थित लॉज में रहने वाला प्रतियोगी छात्र आशीष तिवारी (24) संदिग्ध हालत में मृत मिला। उसका गला कमरे में पड़े तख्त में फंसे फंदे से कसा हुआ था। पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देर रात तक मामले में जांच पड़ताल जारी थी।
आशीष पुत्र चंद्रप्रकाश तिवारी मूल रूप से मिर्जापुर के गैपूरा का रहने वाला था। वह कर्नलगंज के ढररिया स्थित गुप्ता लॉज में किराये पर कमरा लेकर रहता था। बीए करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लगा। साथ ही पार्टटाइम नौकरी भी करता था। सुल्तानपुर का रजनीश दुबे उसका रूम पार्टनर है।
सोमवार शाम चार बजे के करीब पुलिस को सूचना मिली कि आशीष ने फांसी लगा ली है। पुलिस मौके पर पहुंची तो आशीष का शव उसके कमरे के भीतर पड़ा मिला। उसका गला तख्त में चादर से बनाकर फंसाए गए फंदे से कसा हुआ था। हालांकि दरवाजा खुला हुआ था। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूचना पर रात कुछ घंटों बाद परिजन भी आ गए। पुलिस देर रात तक जांच पड़ताल में जुटी रही लेकिन मामला साफ नहीं हो सका। कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लि ए भेेज दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पार्टनर बोला, फांसी लगाई आशीष ने
उधर घटना के बाबत मृतक छात्र के रूम पार्टनर रजनीश का कहना है कि आशीष ने फांसी लगाकर जान दी। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि आशीष ने उसके सामने फंदा बनाया और फिर इसे तख्त में फंसाकर अपना गला कसने लगा। यह देख उसने शोर मचाया और फिर पुलिस को फोन करने बाहर चला गया। जब तक पुलिस आई, उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि यह नहीं समझ में आ रहा है कि छात्र फांसी लगा रहा था तो रूम पार्टनर ने उसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
धूमनगंज के मुंडेरा में रहने वाली नीलम केसरवानी ने फांसी लगाकर जान दे दी। पति की मौत के बाद से ही वह परेशान रहती थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नीलम (50) पत्नी ज्ञान चन्द्र केसरवानी के एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बेटा हार्डवेयर की दुकान चलाता है। उसके पति की बीमारी से पिछले साल मौत हो गई थी जिसके बाद से ही वह परेशान रहती थी।
पुलिस के मुताबिक, रोज की तरह रविवार रात भी वह अपने कमरे में सोने चली गई। सुबह बहुत देर तक बाहर नहीं आई। परिवार के लोग पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। खिड़की से झांककर देखा तो वह फांसी पर लटकी हुई थी। परिजनों की सूचना पर दोपहर में पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकलवाया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।