एक दिन पहले हुए बवाल के बाद बुधवार को उप्र लोक सेवा आयोग कार्यालय पर सन्नाटा पसरा रहा। 21 जून को समाज कार्य समेत अन्य विषयों की परीक्षा होनी है, ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में ही जुटे रहे। उधर, एहतियातन आयोग कार्यालय पर पुलिस फोर्स तैनात रही। पुलिस अफसरों का कहना है कि फिलहाल किसी तरह की अशांति की सूचना नहीं है।
पीसीएस 17 की अगली मुख्य परीक्षा 21 जून को होनी है। इस दिन समाज कार्य, समाजशास्त्र समेत अन्य विषयों की परीक्षा का आयोजन होगा। मंगलवार को परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद दिन भर बवाल चला। हालांकि, बुधवार को प्रतियोगियों ने घर में रहकर तैयारी करना ही बेहतर समझा। इसी का नतीजा रहा कि इस दिन आयोग कार्यालय पर सन्नाटा ही पसरा रहा। एक दिन पहले हुए बवाल को देखते हुए एहतियातन यहां फोर्स तैनात की गई थी लेकिन किसी तरह का प्रदर्शन न होने पर पुलिस अफसरों ने भी राहत की सांस ली।
उधर लोकसेवा आयोग ने 19 जून को निरस्त हुई परीक्षा की नई तारीख अभी घोषित नहीं की है। सचिव जगदीश ने बताया कि पीसीएस-17 मेंस परीक्षा पूरी होने के बाद नई तिथि की घोषणा की जाएगी। बता दें कि 19 को सामान्य हिंदी व निबंध की परीक्षा होनी थी, जिसे प्रथम पाली में गलत पर्चा बांटे जाने और व्हाट्सऐप पर पेपर वायरल होने के बाद निरस्त करने का निर्णय लिया गया था।
उधर लोकसेवा आयोग के एक और सदस्य एके गुप्ता भी रिटायर हो गए हैं। आठ सदस्यों और एक चेयरमैन वाली टीम में तीन सदस्य पिछले दिनों ही रिटायर हुए थे। इनमें फरमान अली, सुनील कुमार जैन व मेजर संजय यादव शामिल थे। जानकारों ने बताया कि दो सदस्यों का अगस्त व एक सदस्य का अक्तूबर में रिटायरमेंट होना है। बताया जा रहा है कि शासन नए सदस्यों की नियुक्ति की तैयारी में जुटा है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में आने वाले कुछ समय में नए सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की जा सकती है।
पीसीएस परीक्षा मुद्दे को लेकर बुधवार को अलग-अलग छात्र संगठनों ने विरोध जताया। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा ने अध्यक्ष कौशल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक मेें आंदोलन की रणनीति तय हुई। बताया कि 21 जून को हस्ताक्षर अभियान चलाकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। इसमें मांग की जाएगी कि पीसीएस 17 मेंस परीक्षा नए सिरे से आयोजित कराई जाए। साथ ही आयोग अफसर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
उधर, युवा मंच कार्यालय पर हुई बैठक में सरकार व आलाधिकारियों की मिलीभगत से प्रतियोगियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया गया। इस दौरान संयोजक राजेश सचान, उदय सिंह लोधी, गीता सिंह, राहुल पांडेय, संदीप कुमार शुक्ल, कंचन सिंह, राजेश करमा तथा बीएड उत्थान जन मोर्चा एवं युवा अधिकार मंच के उपाध्यक्ष अरविंद मौर्य, आलोक सिंह, सुधाकर सिंह, रविंद्र पांडेय, राहुल कुमार सिंह, अशोक महादेव, लाल मुनाई सिंह, उमा शंकर सिंह, शैलेंद्र, दूधनाथ सिंह, प्रवीण सिंह, अनिल कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे। उधर, 2017 की मुख्य परीक्षा के पेपर में हुई गड़बड़ी के विरुद्ध आयोग के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक व अन्य के विरुद्ध राणा यशवंत प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसएसपी और डीएम को ज्ञापन सौंपकर विधिक कार्रवाई की मांग की गई। इसी तरह समाजवादी छात्रसभा जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता के नेतृत्व में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में गड़बड़ी व ऋचा सिंह की गिरफ़्तारी को लेकर छात्रसंघ भवन पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया। इस दौरान आदिल हमजा, अजीत यादव विधायक, अरविंद सरोज, अंकुश यादव, चौधरी संदीप यादव, अभिषेक यादव समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में मंगलवार को ओएमआर लेकर चले जाने पर परीक्षा केंद्राध्यक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।
धूमनगंज थाना क्षेत्र के श्रीमती फूलकली इंटर कालेज में अमित कुमार, एमपी कांवेंट स्कूल चक मुंडेरा में आशुतोष सिंह, न्यू शांती देवी इंटरनेशनल कालेज, अल्का विहार में रंजना गौतम, सिविल लाइन थाना में रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, राजापुर में राजकुमार व सोनम के खिलाफ ओएमआर की आफिस कापी ले जाने पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पीसीएस 2017 की मुख्य परीक्षा में 21 जून को होने वाली परीक्षा का फर्जी पेपर व्हाट्सएप पर बुधवार की रात वायरल हो गया। पेपर आउट होने की अफवाह से हड़कंप मच गया। इसकी सूचना लोक सेवा आयोग तक पहुंची, तो सचिव जगदीश ने मामले की जांच कराने के साथ-साथ पुलिस को सूचना देकर केस दर्ज करने के लिए कहा। जानकारी के अनुसार शरारती तत्वों ने यह अफवाह फैलाने की कोशिश की कि बृहस्पतिवार को आयोजित होने वाली परीक्षा का पेपर आउट हो गया है। फर्जी पेपर व्हाटसएप पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। आयोग को सूचना मिली तो तत्काल इसकी जांच शुरू कर दी गई। पता चला कि जो प्रश्न संबंधित फर्जी पेपर में थे, वे किसी मॉडल प्रश्नपत्र से लिए गए हैं और 21 जून को होने वाली परीक्षा का पेपर आउट होने की सूचना गलत है। आयोग के सचिव जगदीश ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी और मामला दर्ज करने को कहा। सचिव का कहना है किसी ने शरारत में यह हरकत की है। आयोग अपने स्तर से भी कार्रवाई करेगा।
पीसीएस मेंस 17 की 19 जून को हुई परीक्षा निरस्त होने के मामले को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने लोक सेवा आयोग का पुतला फूंका। साथ ही पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग उठाई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन गेट के पास जुटे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। कहा कि अफसरों की लापरवाही की वजह से ही दूसरी पाली की परीक्षा का प्रश्नपत्र पहली पाली में बंटा। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य नवीन मिश्र ने आरोप लगाया कि आयोग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। इस दौरान सूरज, वीरेंद्र, सुमित सिंह, अंकुर यादव, सुमित द्विवेदी, अनुभव उपाध्याय, नवीन किशन आदि मौजूद रहे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अनियमितता के आरोप में एबीवीपी का क्रमिक अनशन छठवें दिन भी जारी रहा। यूनियन हाल पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विवि में घोर अनियमितता व भ्रष्टाचार है। आरोप लगाया कि कार्यपरिषद की बैठक में मनमानी फैसले लिए जा रहे हैं। विवि की अस्मिता व छात्रों के लिए परिषद संघर्ष करती रहेगी। एमएचआरडी व राष्ट्रपति ने कोई ठोस निर्णय जल्द ही नहीं लिया तो आंदोलन का स्वरूप और व्यापक होगा। इस दौरान नवीन मिश्र सूरज तिवारी, सुमित सिंह, विजय, अमर मणि, शिवांश आदि मौजूद रहे।