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पर्यावरण आंकन समिति के चेयरमैन को अवमानना का नाेटिस

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Contempt Notice to the Chairman of the Environment Assessment Committee
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राज्य पर्यावरण आंकलन समिति के चेयरमैन को अवमानना का नोटिस
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर ईट भट्टे संचालित किए जाने के मामले में राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकारी के चेयरमैन आरपी सिंह और अन्य को अवमानना का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनसे चार सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर मेेरठ के बदल सिंह ने अवमानना याचिका दाखिल की हैै। याचिका पर न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी सुनवाई कर रहे हैं। याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और विभू राय का कहना था कि हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग जनहित याचिकाओं सुमित सिंह और अजय कुमार मिश्र में क्रमश: एक मई 2014 और तीन दिसंबर 2014 को पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी ईट भट्ठों के संचालन नियमानुसार किए जाने को लेकर विस्तृत आदेश पारित किए थे।
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इसके तहत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का अनुपालन एवं पर्यावरण तथा वन मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित किया जाना था। इस आदेश के बावजूद 70 प्रतिशत ईटभट्टे पर्यावरण नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। अकेले मेरठ में 104 ईट भट्टे 24 जून 2013 की अधिसूचना के विपरीत संचालित किए जा रहे हैं। अधिसूचना के नियम पांच के तहत ईट भट्ठों में नियमानुसार खनन वाले स्थान पर 6 फुट ऊंचा टीन शेड का घेरा बनाया जाना चाहिए, जो कि नहीं बनाया गया है । इसके बिना पर्यावरण विभाग से खनन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में भट्ठा संचालक खनन कार्य बिना नियमों का पालन किए कर रहे हैं। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला मानते हुए संबंधित प्राधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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