आदेश की अवहेलना करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार को अवमानना का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनको चार सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है कि क्यों न आदेश की अवहेलना पर उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। एसएसपी पर आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उन्होंने सिपाही भर्ती के अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी। इस मामले में अभ्यर्थी नवल किशोर ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने सुनवाई की।
याची का कहना है कि वह पुलिस भर्ती में चयनित हुआ और प्रशिक्षण के दौरान उसे यह कहकर हटा दिया गया कि उसकी लंबाई मानक के अनुरूप नहीं है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए कहा कि जब शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल में सफल घोषित किया गया है तो उसकी दुबारा जांच कर अयोग्य घोषित करने का अधिकार भर्ती बोर्ड को नहीं है।
कोर्ट ने एसएसपी आगरा को याची को ज्वाइन कराने का आदेश दिया है, जिसका पालन नहीं किया गया। सरकारी अधिवक्ता का कहना था कि एकल पीठ के आदेश के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई है। किंतु अपील पर अंतरिम आदेश नहीं है। कोर्ट ने कहा कि मात्र अपील लंबित होने के आधार पर अदालत के आदेश की अवहेलना नही की जा सकती है। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला मानते हुए एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।