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राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणी से भड़के कांग्रेसी : सांसद उज्ज्वल रमण बोले- भाजपा की नीति, नीयत और चेहरा उजागर

Wed, 18 Sep 2024 12:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कांग्रेसियों ने बुधवार को सिविल लाइंस पत्थर गिरजा घर स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। ध्वस्त कानून व्यवस्था, राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणी और फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि प्रदेश में थानों की नीलामी हो रही है। नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले केंद्रीय मंत्री का भाजप सरकार संरक्षण कर रही है। 
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सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन करते कांग्रेसी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रदेश में लड़खड़ाती कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेसियों ने बुधवार को सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा गया। पुलिस प्रशासन पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया गया और जोरदार नारेबाजी की गई। 

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सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जिस तरह से अभद्र टिप्पणी है जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। राजनीतिक इतिहास में आज तक किसी ने नेता प्रतिपक्ष पर इतनी अभद्र टिप्पणी नहीं की है। केंद्रीय मंत्री का संरक्षण भाजपा की सरकार कर रही है यह और भी गंभीर बात है। जिस तरह से भाजपा व्यवहार कर रही है उससे उसकी नीति, नीयत और उसका चेहरा बेनकाब हो गया है। 
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सांसद ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का चेहरा बेनकाब हो गया है। जनता परेशान है और उसे पुलिस और प्रशासन कहीं से न्याय नहीं मिल रहा है। पूरे प्रदेश में थानों की नीलामी हो रही है अफसरशाही हावी है। 

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यूपी में जाति देखकर किए जा रहे एनकाउंटर

सांसद ने कहा कि जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए बुलडोजर की नीति पर तत्काल रोक लगाई है और कहा है कि हम इस पर आगे फैसला करेंगे इससे न्याय की उम्मीद है। कानून के दायरे में रहकर किसी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर कोई गलत कार्य करता है तो कानून दायरे में रहकर उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, इसीलिए कानून बनाया गया है, लेकिन कुछ अफसरों ने यह समझ लिया है कि वह कानून से भी ऊपर हैं। किसी के भी घर और मकान को गिरा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी भत्सर्ना की है। कहा कि यूपी में फर्जी एनकाउंटर जाति को देखकर किया जा रहा है। इसकी जितनी भी निंदा जाए वह कम है। सारे एनकाउंटर की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से कराई जानी चाहिए। 
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