सूचना पर पुलिस पहुंची और फिर एनडीआरएफ 11वीं वाहिनी की टीम भी आ गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद एनडीआरएफ के जवान नौ मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लाए। उधर पानी में बहे तीन मछुआरों के बारे में पता चला कि वह बाढ़ में घिरे पंपिंग सेट कक्ष की छत पर चढ़कर मदद का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से भी एक ने घरवालों को फोन कर इसकी जानकारी दी थी।इसके बाद एनडीआरएफ के जवानों ने उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए सभी लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर जांच कराई गई। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
मौके पर जुटा प्रशासनिक अमला
बाढ़ में 12 लोगों के फंसे होने की सूचना पर प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। मौके पर एसडीएम व एसीपी के साथ ही डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत भी पहुंच गए। आसपास के थानों की फोर्स को भी बुला लिया गया। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर अनिल कुमार के नेतृत्व में 30 जवानों की टीम ने बाढ़ में फंसे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाला तो अफसरों ने भी राहत की सांस ली। डीसीपी ने बताया कि ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है कि बाढ़ क्षेत्र में जाने से बचें।
इन्हें बचाया गया
अजयपाल, छग्गू, सदाशिव, सुभाष, राजकुमार, विजय पुत्र मित्तल, विजय पुत्र जवाहर छोटू, कलाऊ, अवधेश, समशेर बहादुर, महेश कुमार
लगा अब वापस नहीं लौट पाएंगे
इस हादसे में बाढ़ में फंसे लोगों के चेहरे पर दहशत के भाव दिखे। बारिश के चलते वह सभी भीग चुके थे और लगातार तेज हवा चलने के कारण कांप भी रहे थे। इनमें शामिल छग्गू ने बताया कि तेज बहाव देखकर लगा कि अब वापस नहीं लौट पाएंगे। वह व उसके सभी साथी तैरना जानते थे लेकिन बारिश व हवा के चलते हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद ही किसी तरह नाव को पेड़ के पास ले जाकर सभी उस पर चढ़कर मदद का इंतजार करने लगे।