प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर
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आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में सोमवार को पूर्व सांसद और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) में सरेंडर किया। उन्होंने जमानत के लिए अर्जी प्रस्तुत की, जिसे स्पेशल कोर्ट जज ने स्वीकार करते हुए राजबब्बर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। राजबब्बर को नियत तिथि पर कोर्ट में हाजिर न होने के कारण गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
जमानत अर्जी पर स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई की। राजबब्बर की ओर से अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र ने पक्ष रखा। घटना दो मई 1996 की लखनऊ के वजीरगंज थाने की है। वादी मतदान अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि एक बजे दिन में सपा प्रत्याशी राजबब्बर अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचे और पोलिंग एजेंट शिव कुमार को फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाते हुए घेर लिया। उसे मारा पीटा और अपशब्द कहे। इस मुकदमे की फाइल लखनऊ से अंतरित होकर स्पेशल कोर्ट आई है।
सोमवार को कचहरी पेशी में पहुंचे अभिनेेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर को देखने और उनके साथ फोटो लेने की होड़ रही। अधिवक्ता, वादकारी, कर्मचारी और युवा राजबब्बर को एक नजर देख लेने के लिए बेताब दिखे। समर्थकों में सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। परिसर में इतनी भीड़ हो गई कि राजबब्बर के पीएस से नोकझोंक होने लगी। पेशी के दौरान राजबब्बर के साथ सांसद प्रमोद तिवारी अधिवक्ता की ड्रेस में उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला अध्यक्ष अनिल द्विवेदी, संजय तिवारी सहित कांग्रेस के समर्थक भी मौजूद रहे।