हालांकि अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत याची को आरोपपत्र सहित अन्य रिकॉर्ड मुहैया करा दिया गया है। इसके कोई विवाद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर याची आरोप पत्र सहित अन्य रिकॉर्ड चाहता है तो उन्हें देने में कोई आपत्ति नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि याची प्राथमिकी से जुड़े रिकॉर्ड पाने का हकदार है। लिहाजा, उसे सात दिन में सभी रिकॉर्ड मुहैया कराया जाए और नौ जून 2023 की सुनवाई को एक हफ्ते बाद की जाय।
कोर्ट ने यह भी कहा है कि याची रिकॉर्ड मिलने के बाद अगले सात दिनों के भीतर मामले में उन्मोचन अर्जी दाखिल कर सकेगा। निचली अदालत उसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत निष्पादन करेगी। निचली अदालत से यह भी कहा है कि मामला बहुत पुराना है। इसलिए निश्चित समयावधि के भीतर निष्पादित करें। कोर्ट ने सुरजेवाला को भी निचली अदालत का पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है।