आनंद भवन को गृहकर से छूट न देने पर कांग्रेसियों में उबाल
प्रयागराज। आनंद भवन को 4.36 करोड़ के बकाया गृहकर में छूट न दिए जाने से कांग्रेसियों में उबाल आ गया है। नेताओं ने इसे साजिश के तहत की गई एकतरफा कार्रवाई करार दिया। नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल के नेता ने इस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं, नगर निगम के अफसर आनंद भवन के मामले में सीधे कुछ कहने से बचते हुए दबी जुबान से बोले, पुनरीक्षण संभव नहीं है।
जवाहर लाल नेहरू स्मारक निधि (ट्र्स्ट) के अधीन आनंद भवन में तारामंडल, संग्रहालय हैं। नगर निगम ने बीते नवंबर माह में ट्रस्ट को ब्याज समेत 4.36 करोड़ बकाया गृहकर जमा करने का नोटिस भेजा था। आनंद भवन परिसर के खुले और निर्मित क्षेत्रफल के आधार पर 8,27,050 रुपये वार्षिक गृहकर लगाया गया है। इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी को दिए गए पत्र पर नगर निगम ने जांच कराई।
नगर निगम जोन चार के जोनल अधिकारी की अध्यक्षता की गठित समिति ने आनंद भवन परिसर की पैमाइश कर भवनों का भौतिक सत्यापन किया। इसके बाद रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि आनंद भवन परिसर में चल रहीं गतिविधियां व्यावसायिक हैं, इसलिए गृहकर में छूट दिया जाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में ट्र्स्ट को आनंद भवन पर बकाया 4.36 करोड़ रुपये जमा कराने होंगे।
इस मामले में नगर निगम की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल के नेता मुकुंद तिवारी ने अपना विरोध नगर आयुक्त रवि रंजन से दर्ज कराया। उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार के इशारे पर नगर निगम विद्वेश की भावना से आनंद भवन पर गृहकर थोप रहा है। आनंद भवन राष्ट्रीय धरोहर है और तारामंडल में शैक्षिक गतिविधियां होती हैं। अफसर जवाहर लाल नेहरू स्मारक निधि और आनंद भवन को नजरंदाज कर रहे हैं। उन्होंने पत्र के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि आनंद भवन को गृहकर मुक्त नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने भी आनंद भवन को करमुक्त करने की मांग की है। इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन देने के संबंध में निर्णय लिया गया है।
जांच में नहीं दिखे गरीबों, निसहायों के सेवा कार्य
नगर निगम के अफसरों के मुताबिक आनंद भवन परिसर में ट्रस्ट की ओर से गरीबों और निसहायों के कार्य किए जाने के प्रमाण नहीं मिले। नियम है यदि किसी भवन में सेवा संबंधी कार्य होते हैं, तो उसे गृहकर से 50 फीसदी छूट दी जा सकती है। वहां कोई ट्रस्ट संचालित हो या नहीं। इसी बिंदु पर भी परीक्षण किया गया लेकिन, टीम को इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले।