बाहुबली माफिया विजय मिश्र को ग्राम प्रधान के लेटरपैड पर फर्जी हस्ताक्षर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। कोर्ट ने थाना गोपीगंज, संत रविदास नगर, भदोही में दर्ज आपराधिक मामले में व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति लेकर रिहा करने का आदेश दिया है।
बाहुबली माफिया विजय मिश्र को ग्राम प्रधान के लेटरपैड पर फर्जी हस्ताक्षर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। कोर्ट ने थाना गोपीगंज, संत रविदास नगर, भदोही में दर्ज आपराधिक मामले में व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति लेकर रिहा करने का आदेश दिया है। वह 14 अगस्त 2020 से जेल में बंद है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने विजय मिश्र की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
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याची का कहना था कि उसे राजनीतिक विद्वेषवश झूठे केसों में फंसाया गया है। पुलिस ने राजनैतिक दबाव में बलि का बकरा बनाया है। वह कानून मानने वाला नागरिक हैं। 30 नवंबर 22 को ट्रायल कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। याची ने जांच एजेंसी भी बदलने की अर्जी दी थी। सत्ता की राजनीति में प्रभावी लोगों ने उसे फंसाया है। उसके खिलाफ कोई केस नहीं बनता। सरकार का कहना था कि ग्राम प्रधान के लेटरपैड पर फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी की है और आपराधिक इतिहास है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर सशर्त जमानत मंजूर कर ली।