याची की ओर से कहा गया कि बोर्ड के सदस्यों के पद खाली हैं। बोर्ड चेयरमैन सहित 10 सदस्यों से बनता है। अकेले चेयरमैन बोर्ड नहीं हो सकता। कोर्ट ने चेयरमैन को चार हफ्ते में सुनकर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड गठित होना चाहिए किन्तु बोर्ड सदस्यों का पद खाली रहने से बोर्ड निष्क्रिय नहीं हो सकता। जब तक सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक चेयरमैन बोर्ड का काम करेंगे।
कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से याची के निलंबन को अनुमोदित करने की वैधता के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा है कि बोर्ड के निर्णय के बाद इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं रहेगी। कोर्ट ने याची को निलंबन काल के बकाया भत्ते सहित नियमित भत्ते का भुगतान जारी रखने का निर्देश भी दिया है। कहा है कि चेयरमैन के माध्यम से बोर्ड सुनवाई तिथि तय कर चार हफ्ते में सकारण आदेश पारित करे।