इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के खोड़ा मकनपुर में स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित पानी के उपयोग और भूजल संबंधी कार्याें में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के खोड़ा मकनपुर में स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित पानी के उपयोग और भूजल संबंधी कार्याें में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले भूजल संबंधी कार्य हर हाल में पूरा कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हुआ तो नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को स्वयं अदालत में उपस्थित होना होगा।
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मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने अमर पाल शर्मा और सतीश कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने पिछली और ताजा प्रगति रिपोर्ट की तुलना में पाया कि भूजल संबंधी कार्य लगभग ठप हैं। पहले चरण में नाममात्र की प्रगति हुई है, जबकि दूसरे चरण का काम भी बेहद धीमा है।
यह आदेश अधिशासी अधिकारी ने कार्य पूरा करने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मांगा। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछली बार भी दो माह का समय मांगा गया था लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद प्रगति लगभग शून्य है। वहीं, एसटीपी के 126 एमएलडी शोधित पानी के उपयोग के लिए एनटीपीसी ने असमर्थता जताई है। अब सिंचाई विभाग से संपर्क कर 50 एमएलडी पानी देने का अनुरोध किया जाएगा। कोर्ट ने इस पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।