Competitive students complain to CM of making cock on the road
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प्रयागराज। लॉकडाउन के दौरान सिविल लाइंस में प्रतियोगी छात्रों को सड़क पर मुर्गा बनाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की शिकायत पुलिस विभाग के मुखिया यानी डीजीपी के साथ ही सीएम से भी की गई है। शिकायत में पूछा गया है कि आखिर किसकी शिकायत पर पुलिस ने यह अमानवीय व्यवहार किया। फिलहाल जिला पुलिस की ओर से मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
घटना 25 मार्च को सिविल लाइंस में नवाब यूसुफ रोड पर स्थित जंक्शन के सिविल लाइंस साइड पर हुई। यहां दोपहर में नगर निगम के सामने स्थित जंक्शन परिसर के गेट के पास 11 युवक बैग लेकर जाते दिखे थे। इनमें से कई प्रतियोगी छात्र भी थे जो शहर में किराये के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इन युवकों पर नजर पड़ी तो सिविल लाइंस थाने के कुछ पुलिसकर्मियों ने रोककर इन्हें फटकार लगाई। यहां तक तो ठीक था लेकिन फटकार लगाने के बाद पुलिस ने जो काम किया, उससे वह विवादों में भी घिर गई। दरअसल युवकों को जंक्शन परिसर गेट पर ही कड़ी धूप में सड़क पर मुर्गा बनवा दिया गया।
साथ ही कान पकड़कर माफी भी मंगवाई गई। घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिसमें कान पकड़कर मुर्गा बने युवकों के सामने लाठी लेकर खड़े इंस्पेक्टर के अलावा दो कांस्टेबल भी नजर आ रहे हैं। तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने इसे अमानवीय व्यवहार बताते हुए मामले की शिकायत डीजीपी के साथ ही मुख्यमंत्री को भेज दी। तस्वीर के साथ की गई इस शिकायत में कहा गया है कि पुलिस ने यह बर्ताव किसके आदेश पर किया। एक सोशल मीडिया यूजर ने इस मामले की शिकायत यूपी पुलिस के अफसरेां के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भी की। जिसके बाद मामले की जांच शुरू करा दी गई है। जिला पुलिस की ओर से बयान जारी कर बताया गया है कि जांच कराई जा रही है कि इस प्रकार का कार्य क्यों और किसने कराया, जबकि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। यह भी कहा गया है कि घटनास्थल के पास रेलवे का बोर्ड लगा है। ऐसे में इस बात की भी जांच कराई जा रही है कि 22 मार्च से ही रेलवे सेवाएं बंद होने के बावजूद बैग लेकर स्टेशन पर कौन लोग किस तरह पहुंच गए।