Compensation on job seeker with fake marksheet
फर्जी मार्कशीट से नौकरी हासिल करने वाले कांस्टेबल पर हर्जाना
0 सेवा से बर्खास्तगी के आदेश पर रोक से इंकार
प्रयागराज। फर्जी मार्कशीट से पुलिस कांस्टेबल की नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी पर हाईकोर्ट ने दस हजार रुपये हर्जाना लगाया है। कोर्ट नेे बर्खास्तगी के खिलाफ दाखिल उसकी याचिका भी खारिज कर दी है। वाराणसी के सरताज खान ने याचिका दाखिल कर एसएसपी वाराणसी के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि याची ने नौकरी पाने के लिए फर्जी हस्तलिखित मार्कशीट तैयार कर दाखिल की। जबकि बोर्ड द्वारा कंप्यूटर से निकाली मार्कशीट दी जाती है। याची को नौकरी से हटाने के एसएसपी वाराणसी के आदेश पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता ।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने सरताज खान की याचिका पर दिया है। याचिका का विरोध कर रहे अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि याची ने फर्जी मार्कशीट से नौकरी प्राप्त की है। कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की मूल पत्रावली तलब की, जिसमें याची की जन्म तिथि 10 अप्रैल 1986 दर्ज की गई है। जबकि नौकरी पाने के लिए जो मार्कशीट दी गई है, उसमें जन्मतिथि 10 अगस्त 1986 दर्ज है। जन्मतिथि में परिवर्तन कर धोखाधड़ी की गई है।
याची का कहना था कि उसने हाईस्कूल की मार्कशीट में अपने नाम के सामने कुमारी लिखे होने व गलत जन्मतिथि दर्ज होने की संशोधन अर्जी दी थी। उसे बोर्ड द्वारा संशोधित मार्कशीट दी गई। जिसमें उसके नाम से कुमारी शब्द हटा दिया गया और उसकी जन्मतिथि भी संशोधित कर दी गई थी। लेकिन, जब बोर्ड का रिकार्ड तलब किया गया तो उस में पाया गया कि केवल नाम के आगे कुमारी शब्द हटाया गया था और जन्म तिथि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था। जिसे कोर्ट ने कहा यह नौकरी पाने के लिए फर्जीवाड़ा किया गया है।