साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि पुलिस मुख्यालय के इस भवन में मौजूदा समय जितनी भी यूनिट्स स्थापित हैं, उन्हें कमिश्नरेट के दफ्तरों की स्थापना से संबंधित जरूरतें पूरी होने के बाद ही वहां स्थान दिया जाए। अन्यथा नियमानुसार अन्यत्र स्थानांतरित करा दिया जाए। इस भवन में कमिश्नरेट के कार्यालयों की स्थापना के दौरान किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करने की भी हिदायत दी गई है। कहा गया है कि यह भवन धरोहर के तौर पर संरक्षित है।
1834 में निर्मित इस भवन में पत्थरों केे पिलर, दीवारें और छतें मेहराबदार हैं। ऐसे में इस भवन के स्थायित्व और सुरक्षा की दृष्टि से इसकी मूल दीवारों, छतों में किसी तरह की तोड़फोड़ तथा संरचना में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। डीजीपी का पत्र मिलने के साथ ही कमिश्नरेट को 189 वर्ष पुराने भवन में स्थानांतरित करने के लिए काम शुरू करा दिया गया है।
अपर पुलिस कमिश्नर समेत कई दफ्तर होंगे स्थानांतरित
प्रयागराज। पुलिस कमिश्नर अभी अपने आवास में ही बैठकर कमिश्नरेट का कामकाज देख रहे हैं। अपर पुलिस कमिश्नर का कार्यालय पुराने एसएसपी भवन में संचालित है। इसके अलावा डीसीपी यमुनापार, डीसीपी गंगापार,एसीपी चतुर्थ और एसीपी पंचम के कार्यालय संचालित हैं। इन दफ्तरों को पीएचक्यू के पुराने भवन में जल्द ही शिफ्ट करा दिया जाएगा।
पीएचक्यू भवन में संचालित होने वाले कार्यालय
एडीजी प्रयागराज जोन, आईजी पीएसी पूर्वी जोन, एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना इकाई, एसपी सतर्कता अधिष्ठान(बिजिलेंस), एसपी सीबीसीआईडी, एटीएस, एसटीएफ के अलावा लीगल सेल यूपी पुलिस मुख्यालय दफ्तर।