अगर आप शुगर या बीपी के मरीज हैं, तो इस भीषण ठंड में सावधान हो जाएं। चिकित्सक से संपर्क करके नियमित जांच कराते रहें। इन दिनों स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में प्रतिदिन ब्रेन हेमरेज के शिकार 15 से 20 मरीज आ रहे हैं। जिनमें 60 से 70 फीसदी मरीजों में ब्रेन हेमरेज का कारण बीपी और शुगर है। कुछ की हालत तो इतनी गंभीर है कि उन्हें लगभग एक माह तक अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं कई मरीजों को वेंटीलेटर पर भी रखा गया है।
केस नंबर 1- भदोही निवासी 55 वर्षीय महिला करीब एक माह पहले स्नान करने के बाद अचानक बेहोश हो गई। पहले उन्हें तीन दिनों तक न्यूरोलॉजी विभाग के जनरल वार्ड में रखा गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखना पड़ा। तीन हफ्ते से अधिक समय तक वे वेंटीलेटर पर रहीं। जांच में पाया गया कि वे ब्लड प्रेशर की मरीज होने के बावजूद दवा नहीं खा रही थीं। जिसके कारण बीपी बढ़ने से ब्रेन हेमरेज हुआ। फिलहाल अब वह खतरे से बाहर हैं।
केस नंबर 2- मुंगराबादशाहपुर निवासी 65 वर्षीय एक वृद्ध काम कर रहे थे। इसी दौरान इनके बांए हाथ-पैर ने काम करना बंद कर दिया और जुबान लड़खड़ाने लगी। जिसके बाद उन्हें एसआरएन अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया। जांच में पाया गया कि इन्हें बीपी और शुगर की शिकायत है, मगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। यही बीपी व शुगर ब्रेन हेमरेज का कारण बना। फिलहाल अब वह खतरे से बाहर हैं।
केस नंबर 3- नीवां मऊगंज निवासी 55 वर्षीय एक किसान अपने खेत में करीब दो हफ्ते पहले काम रहे थे। इसी दौरान वह गिर पड़े और बेहोश हो गए। इन्हें एसआरएन के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया। जहां चिकित्सकों को ऑक्सीजन सप्लाई के लिए इनकी नाक में अलग से नली डालनी पड़ी। वे पिछले दो हफ्ते से कोमा में हैं। जांच में पाया गया कि इन्हें ब्लड प्रेशर की शिकायत थी। जिसकी जानकारी इन्हें नहीं थी।
सर्दी के मौसम में ब्रेन हेमरेज के मामले ज्यादा आते हैं। वहीं इस वर्ष सर्दी ज्यादा पड़ रही है, जिसके कारण पिछले एक महीने से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। अधिकतर मरीजों में ब्रेन हेमरेज का कारण बीपी व शुगर का होना है। बीपी व शुगर के मरीजों को चाहिए कि वे अपनी जांच निरंतर कराते रहें। - डॉ. प्रभात सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, न्यूरोलॉजी विभाग, एसआरएन।