सीओ जियाउल हक हत्याकांड के गवाह को धमकी देने के आरोपी को पुलिस ने शांति भंग की आशंका के तहत पाबंद किया है। धमकी का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने अब उसकी जमानत निरस्त कराने की कवायद तेज कर दी है। अफसरों के निर्देश पर पुलिस धमकी के इस मामले की गहनता से छानबीन भी कर रही है।
हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में मार्च 2013 में कुंडा सीओ जियाउल हक की हत्या हो गई थी। घटना के कुछ समय पहले ही प्रधान नन्हें यादव व उसके भाई की गोली मारकर हत्या की गई थी। तिहरे हत्याकांड की जांच सीबीआई ने करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में भेजा था।
सीबीआई बनाम फूलचंद्र आदि के मुकदमे में बलीपुर गांव निवासी हरीलाल पाल गवाह हैं। उसका आरोप है कि 27 दिसंबर को रास्ते में रोककर आरोपी फूलचंद्र ने धमकाते हुए गाली गलौज की थी। उस पर गवाही बदलने का दबाव डाला। मना करने पर गोली मारने की धमकी दी थी। कहा था कि एक और मुकदमा लड़ लूंगा। उसकी तहरीर पर पुलिस ने फूलचंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस ने बुधवार को आरोपी फूलचंद्र को शांति भंग की आशंका के हित 107/16 के तहत पाबंद किया। अब उसकी जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हालांकि दूसरा पक्ष इसे योजनाबद्ध कार्रवाई मान रहा है। उसका कहना है कि फूलचंद्र का भाई पवन यादव 27 दिसंबर को ही जमानत पर बाहर आया है।
इस तरह का आरोप साजिश के तहत लगाया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर घटना की छानबीन की जा रही है। यदि जांच में घटना सत्य मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।