सनातन धर्म में गहरी रुचि रखती हैं पाॅवेल
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि सभी प्रश्न सनातन धर्म के इर्द-गिर्द घूमते हैं और उन्हें उत्तरों में बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती हैं। लॉरेन की आध्यात्मिकता की खोज उन्हें महाकुंभ में ले आईं। यहां उनको नया नाम कमला दिया गया है। वह बहुत ही सरल, सौम्य हैं और यहां हैं। आध्यात्मिकता की उनकी खोज उन्हें यहां ले आई। जिस तरह से उन्होंने अखाड़े में खुद को संचालित किया है उससे यह स्पष्ट होता है कि दुनिया के सबसे अमीर और सबसे प्रसिद्ध लोगों में से एक होने के बावजूद, वह अहंकार रहित हैं और दिखावा नहीं करती हैं।
यहां वह सादे कपड़े पहनती हैं और आचरण करती हैं। वह लो प्रोफाइल रहती हैं। वह यहां हमारी शाश्वत और कालजयी सनातनी संस्कृति, सभी चेतनाओं के मूल को देखने आई हैं। वह यहां सनातनी आस्था के प्रहरियों, साधु-संतों से मिल रही हैं। पुरी ने कहा कि कहा कि लॉरेन पहली बार महाकुंभ में आई हैं।
काशी विश्वनाथ के कर चुकी हैं दर्शन
काशी विश्वनाथ के दर्शन करके महाकुंभ आई थीं। महाकुंभ में आने से पहले लॉरेन पॉवेल काशी विश्वनाथ के दर्शन किया। गंगा में नौकायन के बाद सिर पर दुपट्टा डालकर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचीं। गर्भगृह के बाहर से ही बाबा का आशीर्वाद लिया। सनातन धर्म में गैर हिंदू शिवलिंग का स्पर्श नहीं करते, इस बात का ध्यान रखते हुए उन्होंने बाहर से ही दर्शन किया।
स्टीव जॉब्स ने लेटर लिखकर कुंभ में जाने में इच्छा जताई थी
मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, 1974 में एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स ने एक लेटर लिखा था। जिसमें उन्होंने भारत आने की इच्छा जताई थी। जॉब्स कुंभ मेला जाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। माना जा रहा है कि अब उनकी वाइफ लॉरेन पॉवेल जॉब्स की इच्छा पूरी करने के लिए भारत आई हैं। वहीं स्टीव जॉब्स का लिखा ये लेटर 4.32 करोड़ रुपये में बिका है।