शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती से मुलाकात करते सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने कांची कामकोटि पीठ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस पूज्य पीठ की परंपरा ने सनातन धर्म के जनजागरण और अभिवृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब भी सनातन धर्म के सामने कोई संकट आया, कांची पीठ ने आगे बढ़कर उसका समाधान किया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन हो या नेपाल संकट, इस पीठ ने सदैव धर्म की रक्षा के लिए प्रयास किए हैं। इस दौरान उन्होंने कांची पीठ के पूर्व शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर आरती उतारी।
शंकराचार्य ने कहा कि यह अद्वैत कुंभ
शंकराचार्य शंकर विजयेन्द्र सरस्वती ने कहा कि सनातन संस्कृति ही विश्व की आदर्श संस्कृति है और महाकुंभ इसका जीवंत प्रमाण है। शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस बात के लिए भी सराहना की कि प्रयागराज के प्राचीन नाम को उन्होंने दोबारा स्थापित किया। शंकराचार्य ने महाकुंभ को एकता का कुंभ बताते हुए इसे अद्वैत कुंभ कहा।