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विधानसभा चुनाव की तैयारियों को सीएम योगी ने दी नई दिशा

Thu, 17 Dec 2020 01:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : सीएम योगी को कलश भेंट करते भाजपा नेता। - फोटो : prayagraj
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प्रदेश में वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा संगठन के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गंभीर है। पिछले दिनों इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक चुनाव में भाजपा को सपा से मिली हार के बाद पहली बार प्रयागराज पहुंचे सीएम ने विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर प्रयागराज मंडल के तकरीबन सभी जनप्रतिनिधि एवं संगठन के पदाधिकारियों को चेताया कि कार्यकर्ताओं के साथ वह सभी समन्वय बनाकर काम करें। यह वर्ष अब खत्म हो रहा है। ऐसे में चुनाव की तैयारियों को लेकर सिर्फ एक वर्ष का ही समय है। 

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इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक चुनाव में पार्टी प्रत्याशी डा. यज्ञदत्त शर्मा की हार की एक वजह यह भी आई कि पार्टी नेताओं के बीच इस चुनाव में समन्वय काफी कम था। अब विधानसभा चुनाव में यह गड़बड़ी न हो इस वजह से सीएम ने प्रयागराज के तीनों मंत्री डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सिद्धार्थ नाथ सिंह एवं स्थानीय और पड़ोसी जिलों के सांसदों, विधायकों के साथ संगठन के पदाधिकारियों के साथ दो घंटे तक वार्ता की।

prayagraj news : अधिवक्ता समागम में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : prayagraj
सीएम ने कहा कि सांसद, विधायक, पार्षद और संगठन के पदाधिकारी एक दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप बिल्कुल भी न करें, जिसका जो काम है वह उसे पूरी लगन से करें। सभी के बीच आपसी समन्वय होना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर एक दूसरे का सहयोग जरूर लें। सीएम ने मतदाता सूची को लेकर कहा कि मतदाता पुनरीक्षण का कार्य शुभारंभ हो चुका है। मतदाता सूची को लेकर जनप्रतिनिधि एवं संगठन के पदाधिकारी मिलकर एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर फर्जी वोटरों का नाम कटवाने का कार्य करें। जो लोग विलोपित हो चुके हैं, या जिनकी मुत्यु हो गई, ऐसे लोगों का नाम भी कटवाया जाए।
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prayagraj news : अधिवक्ता समागम में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : prayagraj
नए मतदाताओं का नाम जुड़वाने का कार्य तेजी से किया जाए। बैठक में वर्ष 2025 में होने वाले कुंभ मेले को लेकर भी सुझाव दिए गए। कहा गया वर्ष 2019 में हुए कुंभ के दौरान शहर में काफी कार्य हुए। कुंभ के एक वर्ष पहले तमाम कार्य एक साथ शुरू होने से शहरियों को थोड़ी परेशानी हुई। अब अगला कुंभ मेला 2025 में है। ऐसे में इस कुंभ मेले के पूर्व जो भी बड़े कार्य होने हैं या आने वाले दिनों में शासन से स्वीकृत होंगे, उन सभी का डीपीआर पहले ही बना लिया जाए। ताकि समय रहते संबंधित कार्य शुरू हो सके और अपने निर्धारित समय पर वह पूरे हो जाएं।
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