मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने रविवार को भी कुंभ के तहत निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया और अफसरों के पेच कसे। उन्होंने भारद्वाज मुनि के आश्रम के पास कूड़े का ढेर देख नाराजगी जताई। मंडलायुक्त से उन्होंने पूछा कि देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां आकर आखिर कैसे जान पाएंगे कि यह महर्षि भारद्वाज का आश्रम है? अफसरों के पास जवाब नहीं था। सीएम ने यहां महर्षि की प्रतिमा व शिलापट लगवाने और लेजर शो तैयार कराने के निर्देश दिए।
सीएम ने भारद्वाज पार्क के स्थलीय निरीक्षण के दौरान बदइंतजामी पर नाराजगी जताई। सीएम के तेवर देख अफसर सहमे हुए थे। योगी ने आश्रम परिसर में लाइटिंग के पर्याप्त प्रबंध करने के साथ ही वहां भव्यता बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि किसी भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी न होने पाए। कार्य समय से पूर्ण हों। सीएम ने इस पार्क में कराए जा रहे कार्यो की जानकारी नगर आयुक्त अविनाश सिंह से ली। उन्होंने कहा कि महर्षि भारद्वाज की मूर्ति लगाई जाए और उसके आसपास पर्याप्त
लाइटिंग की जाए। सीएम ने पार्क मे साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी की निर्माणाधीन सड़कों का भी जायजा लिया। सोहबतिया बाग डाट पुल से होते हुए अलोपीबाग होते हुए दारागंज की सड़कों पर सीएम की फ्लीट उखड़ी हुई गिट्टियों पर दौड़ती रही। वहां सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य देखने के बाद उन्होंने दारागंज में भगवान वेणी माधव मंदिर में पूजा -अर्चना कर कुंभ की सफलता की कामना भी की। उन्हानें मंदिर का नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया। दारागंज से वापस सीएम अलोपीबाग होते हुए परेड क्षेत्र में किले के अंदर पहुंचे। वहां सरस्वती कूप और अक्षयवट को देखा। अधिकारियों से वहां सीएम ने कुंभ के दौरान जनसामान्य के आवागमन एवं दर्शन की व्यवस्था समझी। सीएम ने शास्त्री ब्रिज के निरीक्षण केबाद झंसी क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों को देखा। झूंसी क्षेत्र से निकल कर सीएम नए यमुना पुल होते हुए अरैल भी गए।वहां उन्होंने प्रस्तावित टेंट सिटी की जानकारी ली और संगम से अधिक दूरी होने पर अफसरों को फटकार लगाई।