कोर्ट परिसर में वादी दंपती की पिटाई समेत अन्य आरोपों में गिरफ्तार रणविजय सिंह की गिरफ्तारी में उसके कुछ करीबियों की अहम भूमिका रही। उन्होंने ही उसके दिल्ली के आसपास होने की जानकारी पुलिस से साझा की थी। इसके बाद ही इस मामले में गठित टीम ने उसकी गिरफ्तारी की।
रणविजय सिंह को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे ग्रेटर नोएडा से पकड़ा था। पुख्ता सूत्रों का कहना है कि रणविजय के दिल्ली के आसपास होने की जानकारी पुलिस काे उसके ही कुछ करीबियों ने दी। इसके बाद पहले गाजियाबाद में उसकी तलाश की गई। फिर सटीक मुखबिरी पर ग्रेटर नोएडा पहुंचकर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उधर, पुलिस को जानकारी मिली है कि कोर्ट परिसर में मारपीट की घटना मोबाइल में भी कैद हुई है। 29 अप्रैल को हुई इस घटना के दौरान किसी ने मोबाइल से ही इसका वीडियो बना लिया था। इसमें कुछ लोग वादी महिला व उसके साथ मौजूद युवक को पीटते नजर आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस वीडियो की तलाश में जुटी है। रणविजय पर करेली थाने में भी दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस जल्द ही इन मुकदमों में भी उसका रिमांड बनवा सकती है। करेली प्रभारी अमरनाथ राय का कहना है कि जल्द ही रिमांड के लिए अर्जी दी जाएगी।
अली-सद्दाम संग आया नजर
बुधवार को सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट भी वायरल हुआ। इसमें रणविजय सिंह अतीक अहमद के बेटे अली संग नजर आ रहा है। बगल में ही अशरफ का साला सद्दाम व उमेश पाल हत्याकांड में बतौर साजिशकर्ता जेल भेजे गए खान सौलत हनीफ व विजय मिश्रा भी नजर आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह स्क्रीनशॉट उस तस्वीर का है जो रंगदारी के मामले में वांछित अली के सरेंडर के बाद खींचा गया।