इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के एक बाबू (द्वितीय श्रेणी लिपिक) ने जमीन आवंटन के मामले में बड़ा खेल कर दिया। शांतिपुरम आवास योजना में एक ही प्लाट इस बाबू ने दो लोगों को आवंटित करा दिया। मामला का खुलासा होने के बाद उपाध्यक्ष ने बाबू को तत्काल निलंबित कर दिया। उधर कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता के मामले में एक सफाई कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया।
आवासीय योजनाओं में लोगों को जमीन आवंटित कराने के नाम पर एडीए के बाबू बड़ा खेल करते हैं। वैसे आवंटन की प्रक्रिया लाटरी के जरिए होती है लेकिन कई ऐसे बाबू हैं जो ग्राहकों के इंतजार में रहते हैं। जमीन के बारे में जानकारी लेने वालों को ऐसे बाबू अपना शिकार बनाते हैं। उन्हें बताया जाता है कि सेटिंग से जमीन दिला दी जाएगी। कई बार तो लाटरी तक में सेटिंग से आवंटन का भरोसा दिलाया जाता है। इसके बदले में बाबू ग्राहकों से मोटी रकम वसूलते हैं। पिछले दिनों ऐसा ही एक मामला सामने आया।
सम्पत्ति विभाग के बाबू सुरेश यादव ने शांतिपुरम आवास योजना में एक प्लाट दो लोगों को आवंटित कर दिया। जिस आवंटी को मौके पर पहले कब्जा मिला, उसने नक्शा स्वीकृत कराके मकान भी बनवा लिया लेकिन बाद में बाबू ने घालमेल करके यही प्लाट किसी दूसरे व्यक्ति को आवंटित करा दिया।
प्लाट की रजिस्ट्री के बाद व्यक्ति मौके पर कब्जा लेने पहुंचा वहां मकान बना देख भौचक रह गया। उसने उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय से शिकायत की। इसके बाद मामले की जांच हुई। इसमें दोषी पाए जाने पर उपाध्यक्ष ने बुधवार को सुरेश को निलंबित कर दिया। उधर, हाथी पार्क में तैनात सफाई कर्मचारी मोती लाल को काम में लापरवाही पर बर्खास्त कर दिया गया।