इलाहाबाद ब्यूरो। पिछले कई दिनों से रूठा चल रहा मौसम आखिरकार देर शाम मेहरबान हो ही गया। पहले तो आसमान में बादलों ने डेरा डाला, फिर देर शाम बारिश हो गई। हालांकि बारिश का दौर ज्यादा देर तक नहीं चला, लेकिन जितनी भी बारिश हुई उसमें गर्मी, उमस से बेहाल शहरियों को थोड़ी राहत जरूर दे दी। मौसम की बेरुखी का ही परिणाम है कि पारा पिछले एक सप्ताह से 35 डिग्री के आसपास बरकरार है।
बृहस्पतिवार को भी अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री और न्यूनतम 27.1 डिग्री दर्ज किया गया। चढ़े हुए पारे का ही असर रहा कि न्यूनतम आर्र्दता 60 फीसदी रही। सावन के महीने में इतना अधिक तापमान व कम आर्र्दता देख मौसम विज्ञानी भी भौचक है। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि ऐसे मौसम में तो अधिकतम 20 से 25 डिग्री के बीच और अधिकतम आर्र्दता सौ फीसदी होनी चाहिए। लेकिन गंगा के मैदान मेें मानसून की अधिक सक्रियता नहीं होने से स्थिति बेहद खराब है। बहरहाल अब जबकि एक बार फिर मौसम का मिजाज देर शाम बदला है तो बारिश की उम्मीद जरूर जगी है।