गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए केंद्रीय मानव संसाधन, जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा कायाकल्प मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने गंगा के कम जलस्तर पर चिंता जताई। गंगा में जल की उपलब्धता के बारे में अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस पर योजना बना रही है। जन आंदोलन से ही स्वच्छ गंगा का संकल्प पूरा किया जा सकता है। मंत्री ने सलोरी एसटीपी का निरीक्षण कर चिल्ला में 6.99 करोड़ की लागत से सीवेज पंपिंग स्टेशन का शुुभारंभ भी किया।
सलोरी एसटीपी का निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने वहां गंदे पानी के शोधन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। निर्देश दिए कि जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए। जल निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों ने मंत्री को यह जानकारी नहीं दी कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सलोरी एसटीपी से बिना शोधन के जल गंगा में छोड़े जाने के कारण डिफाल्टर घोषित कर नोटिस जारी किया है। बोर्ड की टीम ने निरीक्षण के दौरान यहां खामियां पाई थीं। चिल्ला में सीवेज पंपिंग स्टेशन का शुभारंभ करते हुए मंत्री ने सीवर कनेक्शन और पंपिंग स्टेशन से घरों को जोड़ने के बारे में भी जानकारी ली।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने नवाब यूसुफ रोड पर रेलवे कॉलोनी में किए जा रहे सीवरेज कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने नमामि गंगे योजना तथा स्वच्छ गंगा मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों को निर्धारित समय के भीतर पूरा किए जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर उनके साथ रहे सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने बताया कि सलोरी एसटीपी और चिल्ला पंपिंग स्टेशन से करीब 2500 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष अवधेश गुप्ता, अनामिका चौधरी, अमरनाथ तिवारी, एबीवीपी के पदाधिकारियों आदि ने मंत्री का स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान जल निगम के मुख्य अभियंता जीसी दुबे, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक पीके अग्रवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर मो. लुकमान, पूर्व पार्षद राजू शुक्ला समेत संबंधित विभागों के तमाम अफसर मौजूद रहे।
जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा कायाकल्प मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने शुक्रवार को जो भी देखा या निरीक्षण किया, वह अफसरों की रणनीति के मुताबिक किया। सलोरी एसटीपी भी मंत्री को उन रास्तों से ले जाया गया, जहां गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के काम नहीं हो रहे हैं या फिर सड़कों की ठीकठाक पैचिंग की गई है। नवाब यूसुफ रोड पर भी भ्रमण न कराकर मंत्री को सीधे रेलवे कॉलोनी ले जाया गया। जहां सीवरेज का काम चल रहा है। यदि केंद्रीय राज्य मंत्री पुराने शहर की एक भी सड़क घूम लेते तो जल निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों की पोल खुल जाती। अनियोजित और मानकों को ताक पर रखकर कराए जा रहे कार्यों से शहर की लगभग हर सड़क और गली खोदकर छोड़ दी गई है। तेज धूप और धूल के बीच शहरी हर दिन घंटों जाम में फंस रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री के शहर में कार्यक्रम से करीब दस दिन पहले से शहर में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के निदेशक समेत करीब दस अफसरों की टीम शहर में है। अफसर नमामि गंगे समेत अन्य योजनाओं को कुंभ से पहले पूरा करने और गंगा की शुचिता पर जोर दे रहे हैं। कमिश्नर के कैंप कार्यालय पर शुक्रवार शाम हुई बैठक में एनएनसीजी के निदेशक हीतेश मकवाना समेत अन्य अफसरों ने गंगा से जुड़ी योजनाओं को कुंभ के पहले पूरा करने का निर्देश दिया। इससे पहले नगर विकास के प्रमुख सचिव मनोज कुमार और विशेष सचिव एचपी शाही ने भी कमिश्नर के साथ हुई बैठक में कुंभ कार्यों की समीक्षा कर बिंदुवार निर्देश दिए। दोनों बैठकों में कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुख और मुख्य अभियंता भी मौजूद रहे।