अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के अधीक्षक डीके गौतम को एक महिला से छेड़छाड़ करने के आरोप में विशाखा समिति की रिपोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है। कमेटी ने महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप को खारिज करने के साथ उस पर गलत आरोप लगाने, एक्ट का दुरुपयोग करने के मामले में कार्रवाई की सिफारिश भी की है।
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात एक महिला रेलकर्मी ने गत 28 जुलाई को जीआरपी थाने में स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ छेड़खानी की तहरीर दी थी। इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। साथ ही रेलवे ओर सिविल अफसरों की पांच सदस्यीय टीम एवं यौन उत्पीड़न निरोधक समिति ने जांच शुरू की। 25 अगस्त को ही दोनों कर्मचारी डीआरएम ऑफिस प्रयागराज में तलब हुए। तब उनके समेत 12 अन्य सहयोगी रेलकर्मियों से पूछताछ हुई। जांच रिपोर्ट में स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ षडयंत्र रचने, पीड़िता द्वारा बार-बार बयान बदलने की बात कही गई है।
इस प्रकरण में एक अन्य रेलकर्मी का भी नाम सामने आया। आरोप है कि महिला ने संबंधित रेलकर्मी के साथ मिलकर स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ षडयंत्र रचा। इस मामले में एनसीआर के सीपीआरओ एचएस उपाध्याय का कहना है कि विशाखा समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्टेशन अधीक्षक पर लगे आरोप खारिज कर दिए हैं। कमेटी ने यह भी पाया कि महिला ने यौन उत्पीड़न कानून का दुरुपयोग करने का प्रयास किया। समिति ने इस आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। समिति ने स्टेशन अधीक्षक और महिला रेलकर्मी, दोनों का ही अलीगढ़ से कहीं अन्य तबादला करने की भी सिफारिश की है।