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इविवि में भिड़े छात्रों के दो गुट, पुलिसकर्मियों ने भागकर बचाई जान, 14 छात्रनेता नामजद

Fri, 11 Jan 2019 05:52 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी हाल गेट पर मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों व पुलिसकर्मियों के बीच शुक्रवार को भिड़ंत हो गई। जिसके बाद विवि चौकी प्रभारी व सिपाही को छात्रों ने पीट दिया। सूचना पर कई थानों की फोर्स संग एसपी सिटी पहुंचे, तब मामला शांत हुआ। पुलिस ने 14 नामजद व 200 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। उनका कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

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इविवि लाइब्रेरी हाल गेट पर शुक्रवार 11 बजे के करीब बड़ी संख्या में छात्रनेता पहुंचे और धरने पर बैठ गए। वह एक दिन पहले छात्रसंघ पदाधिकारी से हुई अभद्रता की घटना का विरोध कर रहे थे। उनकी मांग थी कि बिना अनुमति परिसर में पुलिस को प्रवेश न करने दिया जाए। इसके अलावा हॉस्टल खाली कराने की घोषणा को लेकर भी वह आक्रोशित थे। प्रदर्शन की जानकारी मिली तो विवि चौकी प्रभारी योगेश सिंंह व सिपाही धर्मेंद्र कुमार वहां पहुंच गए।

पुलिस को देखते ही प्रदर्शनकारियोें ने गेट बंद कर लिया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा तो वह नोकझोंक करने लगे। चौकी प्रभारी व सिपाही ने गेट खुलवाने का प्रयास किया तो उनमें और छात्रनेताओं में नोकझोंक होने लगी। देखते ही देखते बात बढ़ गई और दोनों पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया गया। छात्रों के उग्र तेवर देख दोनों पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भीड़ से निकलकर खुद को बचाया और अफसरों को सूचना दी। 

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नामजद आरोपियों में उपाध्यक्ष व महामंत्री भी शामिल

एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी सुकीर्ति माधव, ट्रेनी आईपीएस धवल जायसवाल व सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्रा फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा जार्जटाउन, शिवकुटी पुलिस के साथ ही आरएएफ को भी बुला लिया गया। हालांकि तब तक प्रदर्शनकारी जा चुके थे। कुछ देर बाद एसएसपी नितिन तिवारी भी पहुंचे। पुलिस का कहना है कि पिटाई से सिपाही धमेंद्र गंभीर रूप से चोटिल हुआ है। भुक्तभोगी सिपाही की तहरीर पर मामले में 14 नामजद व 200 अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ कर्नलगंज एएसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

मामले में जिन 14 छात्रनेताओं को नामजद किया गया है उनमें इविवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव व महामंत्री शिवम सिंह भी शामिल हैं। अन्य आरोपियों में नेहा यादव, विवेक यादव उर्फ विक्की, देवेंद्र तिवारी, दीपक, अतेंद्र सिंह, अभिषेक यादव, दुर्गेश मिश्रा, सहपाल मालिक, कुंवर विक्रम सिंह बघेल, अंकित पटेल, अंकुश यादव व सोनू शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इनकी तलाश की जा रही है।  

पुलिस पर लगाया था पीटने का आरोप
शुक्रवार को छात्रनेता जिस घटना को लेकर लाइब्रेरी हाल गेट पर धरने पर बैठे थे, वह एक दिन पहले इविवि छात्रसंघ भवन पर हुई थी। वहां एक बिना नंबर की एसयूवी को कर्नलगंज थाने ले जाया जा रहा था, जिसका मौके पर मौजूद छात्रसंघ पदाधिकारी ने विरोध किया। इसी बात को लेकर पुलिस से उसकी नोकझोंक हो गई थी। छात्रनेताओं का आरोप है कि इस दौरान एक सिपाही ने छात्रसंघ पदाधिकारी को पीट दिया था। जिस पर छात्र आक्रोशित हो उठे थे। सूचना पर पहुंचे अफसरों ने किसी तरह मामला संभाला था। 
‘नहीं हुई मारपीट, झूठे हैं आरोप’
उधर इविवि छात्रसंघ पदाधिकारियों ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की बात से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें फंसाने के लिए झूठे आरोप लगा रही है। उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पुलिस छात्रों की आवाज को दबाना चाहती है। यही वजह है कि झूठे आरोप लगाकर छात्रनेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। उन्होंने साफ किया छात्र उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
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