आखिर वही हुआ जिसका डर था। ट्रैफिक पुलिस की ओर से किए गए ‘फुलप्रूफ व्यवस्था’ के दावे पहले ही दिन धड़ाम हो गए। नतीजा यह हुआ कि सोहबतियाबाग डॉट पुल बंद होने के बाद लागू रूट डायवर्जन व्यवस्था कुछ घंटों में ही फेल हो गई। फिर सुबह से ही जाम का झाम शुरू हुआ तो रात तक राहगीरों को इससे निजात नहीं मिल सकी।सोहबतियाबाग आरयूबी के चौड़ीकरण के लिए यहां 7 से 14 सितंबर तक आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध शुक्रवार रात 8.30 बजे से ही लागू हो गया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस की ओर से सोहबतियाबाग डॉटपुल से होकर जाने और आने वाले वाहनों के लिए डायवर्जन व्यवस्था का आदेश जारी किया गया। अफसरों ने दावा किया कि सभी तैयारियां पूरी हैं और सुगम यातायात के लिए योजना बना ली गई है।
हालांकि, शनिवार को कुछ ही घंटों में अफसरों का दावा धड़ाम हो गया। डायवर्जन व्यवस्था फेल हो गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि जार्जटाउन, अल्लापुर, सोहबतियाबाग, बैरहना, टैगोरटाउन, हाशिमपुर चौराहा समेत तमाम जगहोें पर भीषण जाम लग गया। बैरहना से मेडिकल कॉलेज चौराहे तक वाहनों की कतार लग गई। बालसन के साथ ही जार्जटाउन में भी एक के पीछे एक वाहन खड़े हो गए। एक तरफ मेडिकल चौराहे तक वाहनों की कतार लगी तो दूसरी ओर मधवापुर सब्जीमंडी, जीटी जवाहर चौराहे पर भी वाहन रेंगते रहे।
उधर अल्लापुर, दारागंज, सोहबतियाबाग में रहने वालों ने रुख किया तो कुंदन गेस्ट हाउस डॉटपुल पर जाम लग गया। मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद न रहने से हालात ये हुए कि कुछ ही देर में यहां चारों ओर से रास्ता ब्लॉक हो गया। इसके बाद कुछ ही देर में हाशिमपुर चौराहे और अल्लापुर पुलिस चौकी तक वाहनों की कतार लग गई। हर बीतते पल के साथ सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा था और वाहनों की कतार लंबी होती जा रही थी। ऐसे में एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह भी दोपहर में जार्जटाउन पहुंच गए। यहां हालात का जायजा लेने के बाद उन्होंने पार्वती अस्पताल चौराहे से जार्जटाउन थाने होकर सीएमपी जाने वाले रास्ते पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कराया। पार्वती अस्पताल से वाहनों को अमरनाथ झा मार्ग होते हुए एमजी मार्ग पर भेजा गया। हालांकि यह व्यवस्था भी बहुत देर तक कारगर नहीं रही और कुछ ही देर में अमर नाथ झा मार्ग व इसके आसपास के रास्ते भी वाहनों से पट गए। हालात कुछ इस कदर बदतर हुए कि रात तक राहगीरों को जाम से निजात नहीं मिल सकी।
ट्रैफिक व्यवस्था धड़ाम करने में अधूरी तैयारियों का भी अच्छा खासा योगदान रहा। बैरहना से सीएमपी डॉट पुल तक जाने वाले रास्ते पहले से क्षतिग्रस्त हैं। उस पर सड़क तक वाहनों के खड़े होने से राहगीरों को और भी दिक्कतें हुई। हालात और बदतर सड़क निर्माण में लगी कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही से हुई। इस रास्ते पर कई जगहों पर सड़कों पर आधे रास्ते तक गिट्टियां फैली रहीं। दरअसल डायवर्जन के बाद सीएमपी के आसपास के क्षतिग्रस्त रास्ते पर गिट्टियां डालकर मरम्मत का कार्य शुरू हुआ। हालांकि शनिवार शाम तक भी यह कार्य पूरा नहीं हो सका। हालत यह रही कि चारों तरफ से वाहनों के आवागमन के बावजूद शाम चार बजे भी रोलर से गिट्यिों को पाटने का काम किया जाता रहा। इससे आवागमन में भी असुविधा हुई।
जाम की समस्या को और विकराल बनाने में पुलिसकर्मियों की लापरवाही की भी बड़ी भूमिका रही। जाम के दौरान कहीं भी पुलिसकर्मियों के न दिखने पर एसपी ट्रैफिक ने वायरलेस पर सूचना प्रसारित की। जिस पर थाने से बताया गया कि मौके पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। इस के बाद एसपी का पारा चढ़ गया और वह खुद जार्जटाउन थाने पहुंच गए। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई तब जाकर पुलिसकर्मियों की नींद टूटी। इसके बाद वह भागकर मौके पर पहुंचे और वाहनों को निकलवाने में लग गए।
सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, इस कारण से वाहन काफी धीमी गति से निकल पा रहे हैं। जिन जगहों पर दिक्कतें हुईं वहां बैरिकेडिंग करवाई गई है। जरूरत पड़ी तो ट्रैफिक पुलिस के और भी जवान तैनात किए जाएंगे। -कुलदीप सिंह, एसपी ट्रैफिक