माफिया अतीक अहमद का करीबी बताकर बमरौली के लाल बिहारा निवासी मोहम्मद मियां उर्फ शेरू से 15 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। आरोप है कि व्हॉट्सएप पर रिश्तेदार दंपती ने एसटीएफ के नाम से फर्जी नोटिस भेजा और फिर केस को सेटलमेंट नहीं करने पर एनकांउटर करने की धमकी दी। पूरामुफ्ती थाना पुलिस ने पांच महीने बाद जिला न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर के मुताबिक, मोहम्मद मियां उर्फ शेरू ने बताया कि 19 जून को व्हॉट्सएप पर अंजान मोबाइल नंबर से मैसेज आया। इसमें एसटीएफ के नाम से आए नोटिस में उन्हें व उनके रिश्तेदार सुफियान अहमद व अलकमा बानो को मुलजिम बनाया गया था। पढ़कर घबरा गया जांच पड़ताल करनी चाही तो रिश्तेदार लूसी सिद्दिकी ने घर में समझा बुझाकर व गुमराह कर अपने घर में कैद कर लिया। कहा कि मेरी पहुंच एसटीएफ के लोगों से है पता करके बताते हैं। डर से नोटिस के विषय में किसी अन्य से बातचीत नहीं की।
लूसी सिद्दीकी व उनके पति जफर नईम ने मिलकर उनसे व रिश्तेदारों से 25 लाख रुपये की मांग की। धमकाया कि किसी से इसकी जिक्र करोगे तो तुम लोगों को अतीक के साथी बताकर एनकाउंटर कर घर गिरवा दिया जाएगा। अगर नोटिस से अपना नाम कटवाना चाहते हो तो रुपये का इंतजाम करो। आरोप है कि 15 लाख देने बाद कहा गया कि सभी लोगों का नाम नोटिस से कट जाएगा। पत्नी फाईमा ने जब आरोपियों से कहा कि वह खुद एसटीएफ ऑफिस जाकर बात करेंगी तो उसी रात कुछ नकाबपोश घर आए और पत्नी से मारपीट कर धमकी दी।
पुलिस से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
एफआईआर के मुताबिक, नकाबपोशों ने कहा कि ज्यादा चालाक बन रही हो जो 15 लाख दिए हैं, उसे भूल जाओ। लूसी मैडम का नाम कही मत लेना नही तो पूरे परिवार को फर्जी केस में फंसाकर जेल भिजवा दूंगा। पता चला कि लूसी सिद्दीकी व जफर नईम ने फर्जी नोटिस भेजकर 15 लाख रुपये की अवैध वसूली की है। मामले में 28 जून 2025 को पुलिस आयुक्त, सीएम समेत अन्य उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर एफआईआर की गई है।