मध्यस्थता केंद्र का उद्घाटन करते हुए सीजेआई ने कहा कि ट्रायल कोर्ट वह जगह है जहां समस्याओं का समाधान शुरू होता है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट में ऐसे कई मामले बढ़ रहे हैं जिनका निपटारा ट्रायल कोर्ट में ही होना चाहिए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि आपराधिक मामलों में जमानत देते समय जिला अदालतें भयग्रस्त रहती हैं। इसका परिणाम है कि छोटे-छोटे मामले भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचते हैं और सुप्रीम कोर्ट को उन मामलों में आरोपियों को जमाने देनी पड़ती है, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने मुकदमों की बढ़ती संख्या के बोझ को कम करने के लिए ''निचली अदालतों पर ध्यान देने'' की जरूरत बताई।
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मध्यस्थता केंद्र का उद्घाटन करते हुए सीजेआई ने कहा कि ट्रायल कोर्ट वह जगह है जहां समस्याओं का समाधान शुरू होता है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट में ऐसे कई मामले बढ़ रहे हैं जिनका निपटारा ट्रायल कोर्ट में ही होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के बारे में बात करते हुए सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग स्थापित किए जाएंगे और इस संबंध में न्यायिक क्षेत्र में विस्तार और विश्वास जरूरी है.
उन्होंने अधिवक्ताओं और कानूनी पेशे से जुड़े अन्य लोगों से प्रौद्योगिकी के साथ जुड़ने की अपील की। सीजेआई ने वरिष्ठ अधिवक्ता भी टैबलेट और लैपटॉप पर काम करने की आदत डालें। अब बहुत लोग नई तकनीकि को अपना कर काम को सरल बना रहे हैं।
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कानून के पेशे से जुड़ने वाले युवाओं के बारे में उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी अलग सोच रखती है और इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं आ रही हैं। वे यहां अपना भविष्य सुरक्षित मानती हैं। चंद्रचूड़ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल पर चर्चा करते हुए कहा कि मैं शहरी परिवेश में बड़ा हुआ लेकिन भारत के हृदय स्थल उत्तर प्रदेश में आने के बाद मुझे बहुत कुछ सीखने और जानने को मिला।