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Prayagraj : कागजों में जगमग शहर, 25 से अधिक इलाकों में अंधेरा, करोड़ों की लाइटें चंद माह में दे गईं जवाब

Mon, 25 Aug 2025 03:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शहर की सड़कों को रोशनी से जगमग करने के लिए पांच करोड़ की लागत से लाइटें लगाईं गईं लेकिन चंद माह बाद ही 25 से अधिक इलाकों में लाइटें जवाब दे गईं।
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प्रयागराज नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शहर की सड़कों को रोशनी से जगमग करने के लिए पांच करोड़ की लागत से लाइटें लगाईं गईं लेकिन चंद माह बाद ही 25 से अधिक इलाकों में लाइटें जवाब दे गईं। ऐसे में इलाकों में भले ही अंधेरा पसरा है लेकिन निगम की फाइलों में लाइटें जल रहीं हैं। तभी तो वारंटी में होने और ठेकेदारों की जिम्मेदारी होने के बावजूद इसकी सुध नहीं ली जा रही है।

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शहर में लक्ष्मी चौराहा, बैरहना, अल्लापुर, बाघंबरी रोड, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, दरियाबाद, नीमसराय, करेली, कटरा, नैनी समेत कई प्रमुख सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें करीब एक माह से बंद हैं। स्टेनली रोड पर लाइट के साथ ही स्विच बॉक्स भी खराब पड़ा है। झूंसी न्याय नगर गेट से अंदावा चौराहे और सहसो तक, लक्ष्मी चौराहे से मंडलायुक्त कार्यालय तक, रेलवे जंक्शन से जानसेनगंज और विवि रोड तक अंधेरा छाया हुआ है। आए दिन क्षेत्रवासियों की ओर से इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई जा रहीं हैं लेकिन सुनवाई नहीं है। स्थानीय पार्षदों की ओर से भी निगम अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया पर समाधान नहीं हो सका है।

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प्रकाश कार्य में अनियमितता का आरोप लगा जांच की मांग

वार्ड-89 दारागंज बक्शी खुर्द की पार्षद अनुपमा पांडेय ने आरोप लगाया है कि बक्शी बांध से दशाश्वमेध घाट तक मार्ग प्रकाश कार्य में भारी अनियमितता की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पोल लगाने के लिए गड्ढे कम खोदे जा रहे हैं और नए खंभों की ढलाई पहले से ही कमजोर पड़ने लगी है। इससे भविष्य में पोल गिरने और लाइटों के जल्द खराब होने का खतरा है। उन्होंने मामले की जांच कर ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

वार्ड-98 दाराशाह अजमल (रानी मंडी) की पार्षद मुमताज अंसारी एडवोकेट का कहना है कि रानी मंडी, बैगन टोला, काजीगंज, सेवई मंडी और गणेश का हाता सहित पांच से अधिक सड़कों पर एक माह से शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा। अधिकारियों की ओर से कागजों में व्यवस्था चाक चाैबंद दिखाई जा रही है जबकि धरातल पर अंधेरा पसरा रहता है।

लाइटें नहीं जलने की जानकारी मिलने के बाद उसे तत्काल ठीक कराया जाता है। देखरेख के लिए तीन ग्रुपों को जिम्मेदारी दी गई है। अगर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाई जाती है तो जांच और कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों की समस्याओं का समाधान कराना निगम की प्राथमिकता है। - अरविंद राय, अपर नगर आयुक्त
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