संगम की रेती पर आस्था की नगरी बसने लगी है। शिविर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। भूमि आवंटन के बाद माघ मेला क्षेत्र में भूमि पूजन का क्रम जारी है। माघ मेले का पहला स्नान पर्व पौष पूर्णिमा 12 जनवरी को है। 10 जनवरी तक मेला क्षेत्र में बड़े संतों का प्रवेश हो जाएगा।
दंडी बाड़ा, त्रिवेणी मार्ग एवं काली सड़क, संगम लोअर, आचार्य बाड़ा, महावीर मार्ग आवंटन का काम पूरा होने से सुविधा पर्ची पाने के बाद ज्यादातर संस्थाओं ने पंडाल लगाने का काम शुरू कर दिया है। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का शिविर तेजी से बनाया जा रहा है। सचिव आचार्य छोटेलाल मिश्रा के मुताबिक स्वामी वासुदेवानंद पौष पूर्णिमा को शिविर में प्रवेश करेंगे। दंडीनगर में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी महेशाश्रम, महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, सतुआ बाबा संतोष दास, कपिलदेव दास नागा, रामकृष्ण मिशन आदि के शिविर लगाए जा रहे हैं।
माघ मेला क्षेत्र के त्रिवेणी मार्ग दक्षिणी पटरी पर स्थित ज्योतिष एवं द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर का भूमि पूजन सोमवार को हुआ। शंकराचार्य के शिष्य स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी की देखरेख में 21 आचार्य पुरोहितों ने पूजन कराया। शंकर स्वरूप ब्रह्मचारी ने वेद मंत्रों के बीच पूजा की। इस मौके पर शंकराचार्य के शिष्यों एवं भक्तों ने गंगा को प्रदूषण मुक्त कराने का संकल्प दोहराया। स्वामी श्रीधरानंद के मुताबिक शिविर का निर्माण दस जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर आचार्य कुशमुनि, पूनम शुक्ला, विद्याकांत पांडेय, दिवाकर दीक्षित, रामचंद्र शुक्ला, अनूप त्रिपाठी, राजेंद्र मिश्रा, चेतन देव, प्रवीण नौटियाल, कृपाशंकर पांडेय, बसंत लाल पांडेय, रोहित, धीरज, अजय त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के माघ मेला क्षेत्र त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर का भूमि पूजन मंगलवार को सुबह 11 बजे होगा। भूमि पूजन प्रफुल्ल चैतन्य के मुताबिक भूमिपूजन के दौरान तुशांत मिश्र, आचार्य शंकर शुक्ल, राजेश चैतन्य ब्रह्मचारी आदि उपस्थित रहेंगे।