पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मौसम सोमवार को अचानक पलट गया और इलाहाबाद को भी शीत लहर ने अपनी चपेट में ले लिया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में महज तीन डिग्री का अंतर रह गया। चौबीस घंटे में ही दिन का पारा 11 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। शाम होते ही पारा तेजी से गिरने लगा और रात नौ बजते ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि दो-तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड परेशान करेगी। बीच में कुछ राहत मिलेगी लेकिन जनवरी के पहले हफ्ते से पक्षुआ विक्षोभ के साथ कड़ाके की ठंड दोबारा लौटेगी।
रविवार को दिन और रात के पारे में 17 डिग्री का अंतर था, जो 24 घंटे बाद ही घटकर तीन डिग्री पर पहुंच गया। पारे में अंतर कम होते ही कड़ाके की ठंड ने हमला बोल दिया। सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। असमान की ओर ताकते लोग सूरज की एक झलक पाने को तरस गए। दिनभर शीत लहर चलती रही। दफ्तरों और स्कूलों में भी ठंड का असर दिखा। बच्चे कांपते हुए स्कूल गए और घर लौटे। वहीं, दफ्तरों में कर्मचारियों का पूरा दिन हीटर या ब्लोवर के सामने बीता।
दिन का पारा 16.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.17 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएस ओझा का कहना है कि पक्षुआ विक्षोभ के साथ शीत लहर का यह दूसरा झोंका आया है। यह पहाड़ों पर बर्फबारी का असर है। दो-तीन दिन बाद पारा चढ़ने का अनुमान है। नए साल के पहले हफ्ते में तीसरे चरण के पक्षुआ विक्षोभ के साथ शीत लहर का प्रकोप फिर बढ़ने की संभावना है। शीत लहर और कड़ाके की सर्दी का असर रहा कि सोमवार शाम प्रमुख बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा और दुकानें निर्धारित समय से पहले बंद हो गईं।