शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ विकसित उत्तर प्रदेश का खाका तैयार करेंगे। विशेषज्ञों की टीम बनाई जाएगी जो विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगी। शासन की ओर से पत्र लिखकर ऐसे लोगों की सूची मांगी गई है। 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार की ओर से विकसित उत्तर प्रदेश अभियान की शुरुआत की जा रही है। शासन स्तर पर अफसरों की बैठक हो चुकी है। इसी क्रम में जिलेवार विशेषज्ञों की टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। वहीं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को नोडल बनाया गया है।
यह टीम शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के समूहों से चर्चा कर और फीडबैक लेकर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगी। साथ में 2047 तक विकसित प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखकर विकास कार्यों, जनसुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव तैयार करेगी। शासन की ओर से प्रारंभिक स्तर पर गाइडलाइन भी तैयार की गई है। जिले में गठित टीम इसी आधार पर डॉक्यूमेंट तैयार करेगी। नोडल जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतोष कुमार का कहना है कि एक-दो दिन में पैनल गठित कर सूची शासन को भेज दी जाएगी। शासन स्तर पर विशेषज्ञों की जल्द बैठक होगी। उसमें आगे की प्रक्रिया पर चर्चा होगी। शासन के निर्देश के क्रम में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सेवानिवृत्त शिक्षाविद, आईएएस-आईपीएस होंगे शामिल
2047-विजन डाॅक्यूमेंट तैयार करने के लिए अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों का पैनल बनाया जाएगा। इसमें प्रशासन (आईएएस), पुलिस (आईपीएस), कृषि, सिंचाई, शिक्षा, ग्राम्य विकास, नगर विकास, स्वास्थ्य, वैज्ञानिक, अभियंत्रण आदि सेवाओं से सेवानिवृत्त अफसर शामिल होंगे। इनके अलावा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, जिले के प्रख्यात शिक्षाविद, समाजसेवियों में से भी 10 प्रबुद्ध लोगों को इस पैनल में शामिल किया जाएगा।
पैनल को लेकर बैठक आज
विकसित उत्तर प्रदेश अभियान के लिए बनने वाले पैनल के चयन को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इसके लिए सोमवार को बैठक बुलाई गई है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि बैठक में पैनल के सदस्यों के चयन को लेकर चर्चा होगी।